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Kangra News: फोरलेन खोलने से पहले रिंयूद खड्ड पुल की लोड टेस्टिंग शुरू
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रियुंद पुल पर टेस्टिंग के दौरान खड़े किए लोडिड ट्रक। जागरूक पाठक
धर्मशाला। कछियारी-भंगवार फोरलेन को यातायात के लिए खोलने से पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने रिंयूद खड्ड पर बने पुल की टेस्टिंग शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य मार्ग शुरू होने से पहले पुल की मजबूती और संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
पुल की लोड टेस्टिंग के दौरान निर्धारित भार डालकर उसके झुकाव और भार हटाने के बाद मूल स्थिति में लौटने की क्षमता जांची जाती है। इसके अलावा वाहनों की आवाजाही से उत्पन्न कंपन और पुल की संरचनात्मक प्रतिक्रिया का भी आकलन किया जाता है। परीक्षण भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाता है।
फोरलेन निर्माण कंपनी के साइट इंजीनियर धनंजय मिश्रा ने बताया कि पुल की लोड टेस्टिंग एनएचएआई और निर्माण कंपनी की ओर से की जाती है। इसके लिए कोई एक निश्चित वजन पहले से तय नहीं होता। पुल के निर्धारित टेस्ट लोड के अनुसार अलग-अलग चरणों में परीक्षण किया जाता है। इसमें पहले चरण में 25 या 30 प्रतिशत, दूसरे में 50 प्रतिशत, तीसरे में 75 प्रतिशत, चौथे में 90 प्रतिशत और अंतिम चरण में 100 प्रतिशत टेस्ट लोड दिया जाता है।
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पुल की लोड टेस्टिंग के दौरान निर्धारित भार डालकर उसके झुकाव और भार हटाने के बाद मूल स्थिति में लौटने की क्षमता जांची जाती है। इसके अलावा वाहनों की आवाजाही से उत्पन्न कंपन और पुल की संरचनात्मक प्रतिक्रिया का भी आकलन किया जाता है। परीक्षण भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाता है।
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फोरलेन निर्माण कंपनी के साइट इंजीनियर धनंजय मिश्रा ने बताया कि पुल की लोड टेस्टिंग एनएचएआई और निर्माण कंपनी की ओर से की जाती है। इसके लिए कोई एक निश्चित वजन पहले से तय नहीं होता। पुल के निर्धारित टेस्ट लोड के अनुसार अलग-अलग चरणों में परीक्षण किया जाता है। इसमें पहले चरण में 25 या 30 प्रतिशत, दूसरे में 50 प्रतिशत, तीसरे में 75 प्रतिशत, चौथे में 90 प्रतिशत और अंतिम चरण में 100 प्रतिशत टेस्ट लोड दिया जाता है।
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