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दाड़नू जंगल में प्रचंड आग से खौफ के साये में गुजरी लोगों की रात
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धर्मशाला। दाड़नू के जंगलों में लगी भयंकर आग से स्थानीय लोगों की पूरी रात खौफ के साये में बीती। हालत यह थी कि घरों से दस मीटर दूर आग की लपटें पहुंच गईं थीं। रिहायशी मकानों, दुकानों और बिजली के ट्रांसफार्मर को आग से बचाने के लिए रात करीब एक बजे तक वन विभाग, अग्निशमन विभाग के कर्मचारी और स्थानीय लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। आग की लपटों को देखकर हर कोई खौफजदा था।
स्थानीय लोगों के चेहरों पर दहशत साफ दिखाई दे रही थी। वीरवार शाम सात बजे लगी इस आग को काबू करने में 18 घंटे का समय लग गया। वन विभाग के रेंज ऑफिसर सुरेश चंद ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग के 12 कर्मी और अग्निशमन विभाग के पांच कर्मचारियों ने योगदान दिया। डीएफओ धर्मशाला स्वयं भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों के सहयोग से शुक्रवार दोपहर बाद आग पर काबू पाया जा सका। उन्होंने बताया कि करीब दो हेक्टेयर जंगल इस आग की चपेट में आए हैं। वन विभाग के कर्मियों ने आग बुझाने के लिए सौ मीटर लंबी फायर लाइन भी बना दी थी। इसके बावजूद तेज हवाओं से आग नीचे घरों की ओर आ गई। ऐसे में वन विभाग, अग्निशमन विभाग के कर्मियों और स्थानीय लोगों ने रिहायशी मकानों, दुकानों और बिजली के ट्रांसफार्मर को बचाने के लिए रात एक बजे तक कड़ी मशक्कत की। आग की लपटें जब घरों से महज 10 मीटर से दूर रह गईं, तो कड़ी मशक्कत के बाद आग को बझाने में कामयाबी मिली। इसके बाद आग पहाड़ी के ऊपरी इलाकों में लगी रही।
बहुमूल्य वन संपदा और जीव-जंतु जल गए: प्रहलाद
स्थानीय निवासी प्रहलाद ने बताया कि इस भयंकर आगजनी में कई जीव-जंतु। इसके अलावा जंगल में उग रहे नए पौधे भी राख हो गए। इस आगजनी में वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है।
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रात भर डरे-सहमे से रहे लोग: सुरजीत
स्थानीय दुकानदार सुरजीत सिंह ने बताया कि आग के खौफ से हर कोई डरा-सहमा सा था। प्रवासी मजदूरों से इतनी भयंकर आग को देखकर अपना सिर पकड़ लिया था। ऐसे में आग के उस मंजर को देखकर हर किसी ने डर के साय में रात बिताई।
हर कोई खौफजदा था: नैहरिया
स्थानीय निवासी हेम नैहरिया ने बताया कि जंगलों में लगी आग की लपटों को देखकर हर कोई खौफजदा था। वन विभाग के कर्मियों ने आग बुझाने के लिए सौ मीटर लंबी फायर लाइन भी बना दी थी। इसके बावजूद हवा के झोंकों के साथ आग घरों की तरफ बढ़ आई।
रात एक बजे तक आग बुझाने की कोशिश: ओम
स्थानीय निवासी ओम नैहरिया ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों के अलावा स्थानीय युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं और एक छोटे बच्चे ने रात एक बजे तक आग बुझाने के लिए कड़े प्रयास किए।
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स्थानीय लोगों के चेहरों पर दहशत साफ दिखाई दे रही थी। वीरवार शाम सात बजे लगी इस आग को काबू करने में 18 घंटे का समय लग गया। वन विभाग के रेंज ऑफिसर सुरेश चंद ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग के 12 कर्मी और अग्निशमन विभाग के पांच कर्मचारियों ने योगदान दिया। डीएफओ धर्मशाला स्वयं भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों के सहयोग से शुक्रवार दोपहर बाद आग पर काबू पाया जा सका। उन्होंने बताया कि करीब दो हेक्टेयर जंगल इस आग की चपेट में आए हैं। वन विभाग के कर्मियों ने आग बुझाने के लिए सौ मीटर लंबी फायर लाइन भी बना दी थी। इसके बावजूद तेज हवाओं से आग नीचे घरों की ओर आ गई। ऐसे में वन विभाग, अग्निशमन विभाग के कर्मियों और स्थानीय लोगों ने रिहायशी मकानों, दुकानों और बिजली के ट्रांसफार्मर को बचाने के लिए रात एक बजे तक कड़ी मशक्कत की। आग की लपटें जब घरों से महज 10 मीटर से दूर रह गईं, तो कड़ी मशक्कत के बाद आग को बझाने में कामयाबी मिली। इसके बाद आग पहाड़ी के ऊपरी इलाकों में लगी रही।
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बहुमूल्य वन संपदा और जीव-जंतु जल गए: प्रहलाद
स्थानीय निवासी प्रहलाद ने बताया कि इस भयंकर आगजनी में कई जीव-जंतु। इसके अलावा जंगल में उग रहे नए पौधे भी राख हो गए। इस आगजनी में वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है।
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रात भर डरे-सहमे से रहे लोग: सुरजीत
स्थानीय दुकानदार सुरजीत सिंह ने बताया कि आग के खौफ से हर कोई डरा-सहमा सा था। प्रवासी मजदूरों से इतनी भयंकर आग को देखकर अपना सिर पकड़ लिया था। ऐसे में आग के उस मंजर को देखकर हर किसी ने डर के साय में रात बिताई।
हर कोई खौफजदा था: नैहरिया
स्थानीय निवासी हेम नैहरिया ने बताया कि जंगलों में लगी आग की लपटों को देखकर हर कोई खौफजदा था। वन विभाग के कर्मियों ने आग बुझाने के लिए सौ मीटर लंबी फायर लाइन भी बना दी थी। इसके बावजूद हवा के झोंकों के साथ आग घरों की तरफ बढ़ आई।
रात एक बजे तक आग बुझाने की कोशिश: ओम
स्थानीय निवासी ओम नैहरिया ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों के अलावा स्थानीय युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं और एक छोटे बच्चे ने रात एक बजे तक आग बुझाने के लिए कड़े प्रयास किए।