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नूरपुर के बासा में 40 खैर और फलदार पेड़ों का अवैध कटान
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जसूर (कांगड़ा)। वन परिक्षेत्र नूरपुर की कंडी-भुगनाड़ा वन सोसायटी के पदाधिकारियों ने का आरोप है सोसायटी की भूमि से 40 के लगभग फलदार पौधों और खैर के पेड़ों पर वन माफिया की कुल्हाड़ी चली है।
इस अवैध कटान में आम, नींबू, कनियार, तर्याल और खैर के पेड़ों को काटा गया है। जानकारी के अनुसार अवैध कटान को लेकर एक शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज करवाई गई थी।
वन सोसायटी की पांच सदस्यीय कमेटी के प्रधान बलदेव सिंह, उपप्रधान ज्ञान सिंह, सचिव सतपाल राणा, सदस्य कर्म सिंह और बलजीत सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में मांग की है कि इस अवैध कटान मामले की जांच की जाए। उन्होंने सवाल किया है कि पेड़ों का यह अवैध कटान वन विभाग की बिना मंजूरी से वन सोसायटी की भूमि पर कैसे हुआ है। सोसायटी के पदाधिकारियों ने बताया कि यह वन सोसायटी 1941से पंजीकृत है और इसमें 400 के लगभग सदस्य और 5 एक्टिव सदस्य हैं। वन सोसायटी का नाम कंडी भुगनाड़ा वन सोसायटी है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि यह कटान कुछ लोगों की ओर से मंदिर के रास्ते को लेकर किया गया था। कहा कि वन सोसायटी की बिना मंजूरी से आनन-फानन में चली जेसीबी के माध्यम से कटे पेड़ों को वहीं मिट्टी में दबा दिया गया है।
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कोट
बासा कंडी-भुगनाड़ा वन सोसायटी की भूमि से नष्ट किए पेड़ों और जेसीबी मशीन से किए गए कार्य की जांच के बाद रिपोर्ट बनाई गई है। यहां चले कार्य को बंद करवा दिया गया है। इसमें संलिप्त दोषियों पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। -शशि कुमार, रेंज ऑफिसर, वन मंडल नूरपुर
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इस अवैध कटान में आम, नींबू, कनियार, तर्याल और खैर के पेड़ों को काटा गया है। जानकारी के अनुसार अवैध कटान को लेकर एक शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज करवाई गई थी।
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वन सोसायटी की पांच सदस्यीय कमेटी के प्रधान बलदेव सिंह, उपप्रधान ज्ञान सिंह, सचिव सतपाल राणा, सदस्य कर्म सिंह और बलजीत सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में मांग की है कि इस अवैध कटान मामले की जांच की जाए। उन्होंने सवाल किया है कि पेड़ों का यह अवैध कटान वन विभाग की बिना मंजूरी से वन सोसायटी की भूमि पर कैसे हुआ है। सोसायटी के पदाधिकारियों ने बताया कि यह वन सोसायटी 1941से पंजीकृत है और इसमें 400 के लगभग सदस्य और 5 एक्टिव सदस्य हैं। वन सोसायटी का नाम कंडी भुगनाड़ा वन सोसायटी है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि यह कटान कुछ लोगों की ओर से मंदिर के रास्ते को लेकर किया गया था। कहा कि वन सोसायटी की बिना मंजूरी से आनन-फानन में चली जेसीबी के माध्यम से कटे पेड़ों को वहीं मिट्टी में दबा दिया गया है।
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बासा कंडी-भुगनाड़ा वन सोसायटी की भूमि से नष्ट किए पेड़ों और जेसीबी मशीन से किए गए कार्य की जांच के बाद रिपोर्ट बनाई गई है। यहां चले कार्य को बंद करवा दिया गया है। इसमें संलिप्त दोषियों पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। -शशि कुमार, रेंज ऑफिसर, वन मंडल नूरपुर