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Kangra News: शीतकालीन प्रवास में कांगड़ा को मिलीं 751.76 करोड़ की विकास योजनाएं
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शीतकालीन प्रवास का विशलेषण...
फिर आने का वायदा कर शिमला लौटे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
मुख्यमंत्री ने नौ दिन में पांच विस क्षेत्रों में किए विभिन्न विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण
सुक्खू ने पांच अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र का किया दौरा कर लोगों की मौके पर निपटाईं समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। फिर आने का वायदा कर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू शनिवार को राजधानी शिमला लौट गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कांगड़ा जिला का शीतकालीन प्रवास उम्मीदों से बढ़कर रहा। अपने नौ दिवसीय प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले की जनता को 751.76 करोड़ रुपये की विकास की योजनाओं की सौगात दी। उन्होंने पेयजल, सीवरेज, सड़क और पुलों के शिलान्यास और लोकार्पण किए। इसके अलावा धर्मशाला के ढगवार में 225 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रदेश के सबसे बड़े मिल्क प्लांट का शिलान्यास किया। साथ ही तपोवन विधानसभा के समीप 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने शीतकालीन प्रवास के दौरान कांगड़ा के धर्मशाला, जवाली, नूरपुर, कांगड़ा और बैजनाथ पांच विधानसभाओं का दौरा कर यहां विकास कार्यों का जायजा लिया। साथ ही इन विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं के बाद लोगों से मुलाकात कर उन्हें समस्याओं का सुना व संबंधित विभागों को इनके समाधान के उचित निर्देश भी दिए। जवाली विधानसभा क्षेत्र में एक रात बिताने के अलावा मुख्यमंत्री ने शेष रातें परिधिगृह धर्मशाला में काटीं। धर्मशाला परिधि गृह में कांगड़ा जिला के तकरीबन सभी विधानसभा क्षेत्रों के लोगों के अलावा चंबा, मंडी और ऊना जिला से भी लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री से मिलकर लोगों ने अपने दुख-दर्द साझा किया। शनिवार को मुख्यमंत्री जब बैजनाथ से शिमला जाने लगे तो उन्होंने जिले की जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं, सभी विभागों के अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को कहा कि वह दोबारा लौट कर आएंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों की जो समस्याएं बताई गई हैं और जो विकास के कार्य बताए हैं, उन्हें प्राथमिकता दें।
इनसेट-
-पहली बार बैजनाथ में राज्य स्तरीय पूर्ण राज्यत्व दिवस मनाया। यह ऐसा विधानसभा क्षेत्र है, जो जिले के कौने पर स्थित है और मंडी जिला से सटा है।
-मुख्यमंत्री शीतकालीन प्रवास के दौरान कई जगह स्कूली बच्चों और रेहड़ी-फड़ी वालों से मिले और उनकी दिक्कतें जानीं।
-जवाली, नूरपुर, धर्मशाला, कांगड़ा और बैजनाथ इन पांच विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण के अलावा स्थानीय विधायकों और जनता की मांग पर मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं भी की हैं।
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-मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खराब वित्तीय स्थिति के लिए विपक्ष को भी अपने कांगड़ा के शीतकालीन प्रवास के दौरान निशाने पर रखा।
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फिर आने का वायदा कर शिमला लौटे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
मुख्यमंत्री ने नौ दिन में पांच विस क्षेत्रों में किए विभिन्न विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण
सुक्खू ने पांच अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र का किया दौरा कर लोगों की मौके पर निपटाईं समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। फिर आने का वायदा कर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू शनिवार को राजधानी शिमला लौट गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कांगड़ा जिला का शीतकालीन प्रवास उम्मीदों से बढ़कर रहा। अपने नौ दिवसीय प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले की जनता को 751.76 करोड़ रुपये की विकास की योजनाओं की सौगात दी। उन्होंने पेयजल, सीवरेज, सड़क और पुलों के शिलान्यास और लोकार्पण किए। इसके अलावा धर्मशाला के ढगवार में 225 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रदेश के सबसे बड़े मिल्क प्लांट का शिलान्यास किया। साथ ही तपोवन विधानसभा के समीप 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने शीतकालीन प्रवास के दौरान कांगड़ा के धर्मशाला, जवाली, नूरपुर, कांगड़ा और बैजनाथ पांच विधानसभाओं का दौरा कर यहां विकास कार्यों का जायजा लिया। साथ ही इन विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं के बाद लोगों से मुलाकात कर उन्हें समस्याओं का सुना व संबंधित विभागों को इनके समाधान के उचित निर्देश भी दिए। जवाली विधानसभा क्षेत्र में एक रात बिताने के अलावा मुख्यमंत्री ने शेष रातें परिधिगृह धर्मशाला में काटीं। धर्मशाला परिधि गृह में कांगड़ा जिला के तकरीबन सभी विधानसभा क्षेत्रों के लोगों के अलावा चंबा, मंडी और ऊना जिला से भी लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री से मिलकर लोगों ने अपने दुख-दर्द साझा किया। शनिवार को मुख्यमंत्री जब बैजनाथ से शिमला जाने लगे तो उन्होंने जिले की जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं, सभी विभागों के अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को कहा कि वह दोबारा लौट कर आएंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों की जो समस्याएं बताई गई हैं और जो विकास के कार्य बताए हैं, उन्हें प्राथमिकता दें।
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इनसेट-
-पहली बार बैजनाथ में राज्य स्तरीय पूर्ण राज्यत्व दिवस मनाया। यह ऐसा विधानसभा क्षेत्र है, जो जिले के कौने पर स्थित है और मंडी जिला से सटा है।
-मुख्यमंत्री शीतकालीन प्रवास के दौरान कई जगह स्कूली बच्चों और रेहड़ी-फड़ी वालों से मिले और उनकी दिक्कतें जानीं।
-जवाली, नूरपुर, धर्मशाला, कांगड़ा और बैजनाथ इन पांच विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण के अलावा स्थानीय विधायकों और जनता की मांग पर मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं भी की हैं।
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-मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खराब वित्तीय स्थिति के लिए विपक्ष को भी अपने कांगड़ा के शीतकालीन प्रवास के दौरान निशाने पर रखा।