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कांगड़ा: ज्वालामुखी मंदिर में हुई घटना के बाद सुरक्षा पर फैसला, बैग और पानी की बोतल ले जाने पर लग सकती है रोक
Sun, 20 Sep 2026 02:24 PM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, ज्वालामुखी (कांगड़ा)।
संवाद न्यूज एजेंसी, ज्वालामुखी (कांगड़ा)।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 20 Sep 2026 02:24 PM IST
सार
कांगड़ा के प्रसिद्ध श्री ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धालु द्वारा खुद को आग लगाने की घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने की तैयारी शुरू कर दी है। घटना में गंभीर रूप से झुलसे राजस्थान के श्रद्धालु की टांडा मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। अब मंदिर प्रशासन सुरक्षा इंचार्ज से जवाब मांगने के साथ प्रवेश और निकासी मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती पर विचार कर रहा है।
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शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में हुई गंभीर घटना के बाद अब मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। श्रद्धालु के खुद को आग लगाने और बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत होने की घटना ने मंदिर परिसर में प्रवेश की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर नए सिरे से समीक्षा की जरूरत पैदा कर दी है।
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घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा शुरू कर दी है। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने सुरक्षा इंचार्ज को कारण बताओ नोटिस जारी कर घटना के संबंध में जवाब मांगा है। उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि मंदिर परिसर में इतनी गंभीर घटना किन परिस्थितियों में हुई और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद समय रहते इसे क्यों नहीं रोका जा सका।
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बैग और पानी की बोतल पर लग सकती है रोक
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मंदिर प्रशासन अब श्रद्धालुओं के सामान को लेकर भी बदलाव की तैयारी में है। प्रस्ताव के तहत श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर के भीतर बैग, पानी की बोतल और अन्य सामान ले जाने की अनुमति नहीं देने पर विचार किया जा रहा है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो श्रद्धालुओं को अपना सामान उसी स्थान पर रखना होगा, जहां वे मंदिर में प्रवेश से पहले जूते-चप्पल उतारते हैं। हालांकि, यह व्यवस्था अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुई है। मंदिर न्यास की आगामी बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद ही इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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प्रवेश और निकासी मार्गों पर बढ़ेगी सुरक्षा
मंदिर प्रशासन अब केवल सामान की निगरानी तक सीमित नहीं रहना चाहता। मंदिर के अन्य प्रवेश और निकासी मार्गों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। प्रशासन का जोर मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं पर नजर रखने, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने पर रहेगा। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के बीच भी चर्चा हुई है। मंदिर अधिकारी ने एसडीएम ज्वालामुखी डॉ. संजीव शर्मा के साथ सुरक्षा इंतजामों को लेकर विचार-विमर्श किया है।
श्रद्धालु की टांडा में हुई मौत
यह पूरा मामला 17 सितंबर की शाम सामने आया था। मंदिर परिसर में एक राजस्थान निवासी श्रद्धालु ने खुद को आग लगा ली थी। घटना गर्भगृह के बाहर पीपल के पास हुई थी। आग की चपेट में आने से श्रद्धालु करीब 60 प्रतिशत झुलस गया था।
मंदिर प्रशासन और सुरक्षा कर्मचारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आग बुझाने और श्रद्धालु को बचाने का प्रयास किया। उसे पहले ज्वालामुखी अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने के कारण वहां से टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया था। उपचार के दौरान 18 सितंबर को उसकी मौत हो गई। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है।
सुरक्षा इंचार्ज से मांगा गया जवाब
घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी से जुड़े अधिकारियों से जवाब तलब किया है। सुरक्षा इंचार्ज को दिए गए नोटिस में घटना के दौरान सुरक्षा इंतजामों और निगरानी व्यवस्था की स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। मंदिर प्रशासन यह भी देख रहा है कि श्रद्धालुओं की नियमित आवाजाही के बीच संदिग्ध गतिविधियों की पहचान किस तरह और प्रभावी तरीके से की जा सकती है।
संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें
मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने स्थानीय लोगों, पुजारियों और श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आने पर तत्काल मंदिर अधिकारी या मंदिर कार्यालय को सूचना दी जानी चाहिए। प्रशासन का मानना है कि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सतर्कता से किसी भी संदिग्ध स्थिति की जानकारी समय रहते मिल सकती है और संभावित अप्रिय घटना को रोकने में मदद मिल सकती है।
ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही रहती है। ऐसे में घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए जा रहे कदमों का उद्देश्य मंदिर परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है। अब निगाह मंदिर न्यास की आगामी बैठक पर है, जहां बैग, पानी की बोतल और अन्य सामान पर प्रस्तावित रोक तथा अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।
घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी से जुड़े अधिकारियों से जवाब तलब किया है। सुरक्षा इंचार्ज को दिए गए नोटिस में घटना के दौरान सुरक्षा इंतजामों और निगरानी व्यवस्था की स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। मंदिर प्रशासन यह भी देख रहा है कि श्रद्धालुओं की नियमित आवाजाही के बीच संदिग्ध गतिविधियों की पहचान किस तरह और प्रभावी तरीके से की जा सकती है।
संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें
मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने स्थानीय लोगों, पुजारियों और श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आने पर तत्काल मंदिर अधिकारी या मंदिर कार्यालय को सूचना दी जानी चाहिए। प्रशासन का मानना है कि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सतर्कता से किसी भी संदिग्ध स्थिति की जानकारी समय रहते मिल सकती है और संभावित अप्रिय घटना को रोकने में मदद मिल सकती है।
ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही रहती है। ऐसे में घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए जा रहे कदमों का उद्देश्य मंदिर परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है। अब निगाह मंदिर न्यास की आगामी बैठक पर है, जहां बैग, पानी की बोतल और अन्य सामान पर प्रस्तावित रोक तथा अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।