{"_id":"69b554a0b022d0348c07aa38","slug":"it-is-now-necessary-to-include-sanitation-work-in-the-gram-panchayat-development-plan-kangra-news-c-95-1-kng1024-224293-2026-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: अब ग्राम पंचायत विकास योजना में स्वच्छता कार्य शामिल करना जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: अब ग्राम पंचायत विकास योजना में स्वच्छता कार्य शामिल करना जरूरी
Sun, 15 Mar 2026 05:58 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 15 Mar 2026 05:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत स्वच्छता से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता देनी होगी। इसके लिए सरकार ने ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला परिषद विकास योजनाओं में अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश जारी किए हैं। यह कदम 15वें वित्त आयोग की टाइड ग्रांट के स्वच्छता घटक का सही और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उठाया है।
केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 की बजट बैठक में पंचायतों द्वारा स्वच्छता गतिविधियों में पर्याप्त प्रावधान न करने पर जताई गई आपत्ति के बाद अब राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब पंचायतों में कचरा एकत्र करने और उसे प्रोसेसिंग स्थल तक पहुंचाने के लिए किराए या अनुबंध पर लिए गए वाहनों के संचालन, ड्राइवर के वेतन और मरम्मत आदि का खर्च इसी फंड से किया जा सकेगा।
इसके साथ ही सरकार ने सभी त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी योजनाओं में कचरा परिवहन, प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन, सफाई कर्मियों की नियुक्ति, सेग्रिगेशन शेड का निर्माण, सामुदायिक शौचालयों का रखरखाव और सोक पिट बनाने जैसे कार्यों के लिए बजट का अनिवार्य प्रावधान करें। प्रत्येक गांव में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कम से कम छह शिविर या संदेश अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
बीडीओ और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इन योजनाओं की समीक्षा करेंगे। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि इन गतिविधियों के लिए बजट आवंटित नहीं किया गया या राशि खर्च किए बिना रह गई, तो इसे अनधिकृत व्यय माना जाएगा और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बीडीओ परागपुर अशोक कुमार ने इन आदेशों की पुष्टि करते हुए कहा कि अब स्वच्छता कार्यों को विकास योजनाओं का अभिन्न हिस्सा बनाना अनिवार्य होगा।
विज्ञापन
केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 की बजट बैठक में पंचायतों द्वारा स्वच्छता गतिविधियों में पर्याप्त प्रावधान न करने पर जताई गई आपत्ति के बाद अब राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब पंचायतों में कचरा एकत्र करने और उसे प्रोसेसिंग स्थल तक पहुंचाने के लिए किराए या अनुबंध पर लिए गए वाहनों के संचालन, ड्राइवर के वेतन और मरम्मत आदि का खर्च इसी फंड से किया जा सकेगा।
विज्ञापन
इसके साथ ही सरकार ने सभी त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी योजनाओं में कचरा परिवहन, प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन, सफाई कर्मियों की नियुक्ति, सेग्रिगेशन शेड का निर्माण, सामुदायिक शौचालयों का रखरखाव और सोक पिट बनाने जैसे कार्यों के लिए बजट का अनिवार्य प्रावधान करें। प्रत्येक गांव में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कम से कम छह शिविर या संदेश अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
बीडीओ और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इन योजनाओं की समीक्षा करेंगे। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि इन गतिविधियों के लिए बजट आवंटित नहीं किया गया या राशि खर्च किए बिना रह गई, तो इसे अनधिकृत व्यय माना जाएगा और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बीडीओ परागपुर अशोक कुमार ने इन आदेशों की पुष्टि करते हुए कहा कि अब स्वच्छता कार्यों को विकास योजनाओं का अभिन्न हिस्सा बनाना अनिवार्य होगा।