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संस्कृत के संवर्धन से ही सुरक्षित रहेगी भारतीय संस्कृति : प्रो. बंसल
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धर्मशाला में सीयू के धौलाधार परिसर में यज्ञ में भाग लेते कुलपति प्रो. एसपी बंसल और अन्य। -स्रोत
धर्मशाला। भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखने के लिए संस्कृत भाषा का संवर्धन बेहद आवश्यक है। इसके लिए संस्कृत को आम जनमानस की बोलचाल की भाषा बनाने के सामूहिक प्रयास करने होंगे। यह आह्वान हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू) के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने सोमवार को संस्कृत सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर किया।
सीयू के संस्कृत विभाग और संस्कृत भारती कांगड़ा के संयुक्त तत्वावधान में 7 से 11 सितंबर तक संस्कृत सप्ताह मनाया जा रहा है। सोमवार को कुलपति प्रो. बंसल के मुख्य यजमानत्व में सीयू के धौलाधार परिसर में यज्ञ के साथ इसका विधिवत शुभारंभ हुआ। उन्होंने प्राध्यापकों व विद्यार्थियों से संस्कृत के संरक्षण के लिए आगे आने को कहा।
यज्ञ में भाषा संकाय के अधिष्ठाता प्रो. बृहस्पति मिश्र और संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. योगेंद्र कुमार सहित कई प्राध्यापक व शोधार्थी मौजूद रहे। संस्कृत सप्ताह के तहत 8 सितंबर को धर्मशाला के स्कूलों व कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए श्लोकोच्चारण, संस्कृत गीत और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं होंगी।
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इसी दिन पुरस्कार वितरण समारोह में संस्कृत भारती के उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री नरेंद्र कुमार मुख्य वक्ता होंगे। इसके अलावा, विद्यार्थियों के लिए 9 सितंबर को सूत्रान्त्याक्षरी, 10 को श्लोक स्मरण और 11 सितंबर को वेद मंत्रोच्चारण प्रतियोगिता करवाई जाएगी। सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
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सीयू के संस्कृत विभाग और संस्कृत भारती कांगड़ा के संयुक्त तत्वावधान में 7 से 11 सितंबर तक संस्कृत सप्ताह मनाया जा रहा है। सोमवार को कुलपति प्रो. बंसल के मुख्य यजमानत्व में सीयू के धौलाधार परिसर में यज्ञ के साथ इसका विधिवत शुभारंभ हुआ। उन्होंने प्राध्यापकों व विद्यार्थियों से संस्कृत के संरक्षण के लिए आगे आने को कहा।
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यज्ञ में भाषा संकाय के अधिष्ठाता प्रो. बृहस्पति मिश्र और संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. योगेंद्र कुमार सहित कई प्राध्यापक व शोधार्थी मौजूद रहे। संस्कृत सप्ताह के तहत 8 सितंबर को धर्मशाला के स्कूलों व कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए श्लोकोच्चारण, संस्कृत गीत और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं होंगी।
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इसी दिन पुरस्कार वितरण समारोह में संस्कृत भारती के उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री नरेंद्र कुमार मुख्य वक्ता होंगे। इसके अलावा, विद्यार्थियों के लिए 9 सितंबर को सूत्रान्त्याक्षरी, 10 को श्लोक स्मरण और 11 सितंबर को वेद मंत्रोच्चारण प्रतियोगिता करवाई जाएगी। सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।