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तीन लाख की आय सीमा हटाई जाए : करुणामूलक संघ

Mon, 10 Aug 2026 12:55 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 12:55 AM IST
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Income limit of 3 lakh should be removed, Compassionate Appointment Association
धर्मशाला। लंबे समय से नौकरी की मांग के लिए संघर्ष कर रहे करुणामूलक आश्रित रविवार को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और एचआरटीसी उपाध्यक्ष अजय वर्मा से धर्मशाला में मिले। संघ के सचिव विशाल सिंह के नेतृत्व में पहुंचे आश्रितों ने प्रदेश सरकार को विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे की याद दिलाते हुए जल्द राहत देने की मांग की।
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करुणामूलक आश्रितों ने प्रमुख मांग के रूप में करुणामूलक नीति में निर्धारित वार्षिक तीन लाख रुपये की आय सीमा समाप्त करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि आय सीमा के कारण करीब 1650 आश्रित अब भी नौकरी से वंचित हैं। संघ ने सरकार से इन सभी मामलों का वन टाइम सेटलमेंट कर पात्र आश्रितों को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
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आश्रितों का कहना था कि सरकारी सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। ऐसे में केवल वार्षिक आय के आधार पर आश्रितों को नौकरी से वंचित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की वार्षिक आय तीन लाख रुपये है और जिनकी आय इससे अधिक है, दोनों ही परिवारों ने सरकारी सेवाकाल के दौरान माता या पिता को खोया है। इसलिए सरकार को सभी प्रभावित परिवारों के साथ समान व्यवहार करते हुए वन टाइम सेटलमेंट के तहत नौकरी देने का निर्णय लेना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि कई आश्रित लंबे समय से नियुक्ति की उम्मीद में सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं की ओर से यह भरोसा दिलाया गया था कि सत्ता में आने के बाद सरकारी सेवा के दौरान मृत्यु होने वाले कर्मचारियों के सभी पात्र आश्रितों को बिना शर्त नौकरी दी जाएगी।

उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार ने उनके साथ जो वादा किया है, उसे पूरा करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले को मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा के लिए लाया जाएगा। आश्रितों ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द निर्णय लेकर वर्षों से लंबित मामलों का समाधान करेगी।
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