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Kangra News: सूखते झरनों को मिलेगी संजीवनी, भूजल संरक्षण पर धर्मशाला में मंथन
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केंद्रीय भूजल बोर्ड उतरी हिमालयी क्षेत्र धर्मशाला की ओर से आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में भाग ल
- फोटो : 1
धर्मशाला। जिले में प्राकृतिक जलस्रोतों (बावड़ियों और झरनों) को बचाने और उनके सही रखरखाव के लिए केंद्रीय भूजल बोर्ड ने विशेषज्ञों के साथ मिलकर चर्चा की। जल शक्ति मंत्रालय के तहत केंद्रीय भूजल बोर्ड ने बुधवार को खनियारा रोड के एक निजी होटल में भूजल समस्याओं और उनके समाधान पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। इसका मुख्य मकसद प्रशासन, कॉलेजों और आम लोगों को सूखते झरनों को दोबारा जिंदा करने व पानी के सही इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे धर्मशाला बीएड कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रविंद्र गिल ने शिक्षकों व छात्रों को मौसम बदलाव और पानी के संकट के प्रति सचेत किया। बोर्ड के धर्मशाला कार्यालय प्रमुख महेश एम. सोनकुसरे ने इलाके में पानी की स्थिति और विभाग की आने वाली योजनाओं की जानकारी दी।
तकनीकी सत्रों में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संजय पांडेय ने जमीन के अंदर पानी के बुनियादी नियमों को समझाया। वैज्ञानिक शेखर पांडेय ने कांगड़ा में झरनों की देखभाल के तरीके बताए। वहीं, वैज्ञानिक शिवानी सोनी ने जल संरक्षण और प्रशांत कुमार सिंह ने प्रदेश में पानी की गुणवत्ता पर अपनी बात रखी। इस कार्यशाला में राजकीय कॉलेज धर्मशाला, एचपीयू क्षेत्रीय केंद्र और बीएड कॉलेज के छात्र-छात्राओं व शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
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इनकी रही प्रमुख मौजूदगी
वैज्ञानिक बिमल चंद्र सिन्हा, मनोहर कुमार, देवेंद्र कुमार, अभिषेक वर्मा, प्रशांत कुमार सिंह और मानसी सिंह ने भी कार्यशाला में योगदान दिया। मंच संचालन वैज्ञानिक शिवानी सोनी ने किया और अंजू देवी ने सबका धन्यवाद किया। अंत में सभी प्रतिभागियों से फीडबैक भी लिया गया।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे धर्मशाला बीएड कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रविंद्र गिल ने शिक्षकों व छात्रों को मौसम बदलाव और पानी के संकट के प्रति सचेत किया। बोर्ड के धर्मशाला कार्यालय प्रमुख महेश एम. सोनकुसरे ने इलाके में पानी की स्थिति और विभाग की आने वाली योजनाओं की जानकारी दी।
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तकनीकी सत्रों में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संजय पांडेय ने जमीन के अंदर पानी के बुनियादी नियमों को समझाया। वैज्ञानिक शेखर पांडेय ने कांगड़ा में झरनों की देखभाल के तरीके बताए। वहीं, वैज्ञानिक शिवानी सोनी ने जल संरक्षण और प्रशांत कुमार सिंह ने प्रदेश में पानी की गुणवत्ता पर अपनी बात रखी। इस कार्यशाला में राजकीय कॉलेज धर्मशाला, एचपीयू क्षेत्रीय केंद्र और बीएड कॉलेज के छात्र-छात्राओं व शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
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इनकी रही प्रमुख मौजूदगी
वैज्ञानिक बिमल चंद्र सिन्हा, मनोहर कुमार, देवेंद्र कुमार, अभिषेक वर्मा, प्रशांत कुमार सिंह और मानसी सिंह ने भी कार्यशाला में योगदान दिया। मंच संचालन वैज्ञानिक शिवानी सोनी ने किया और अंजू देवी ने सबका धन्यवाद किया। अंत में सभी प्रतिभागियों से फीडबैक भी लिया गया।