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भवनों का उचित मुआवजा न मिला तो नहीं तोड़ने देंगे मकान: समिति
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नूरपुर में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते फोरलेन संघर्ष समिति के सदस्य
- फोटो : Kangra
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नूरपुर (कांगड़ा)। नूरपुर उपमंडल के तहत बनने वाले पठानकोट-मंडी फोरलेन की जद में आ रहे प्रभावित भू-मालिकों की मांगों को लेकर फोरलेन संघर्ष समिति की एक बैठक वीरवार को एसडीएम नूरपुर अनिल भारद्वाज के साथ हुई।
इस अवसर पर फोरलेन संघर्ष समिति ने एसडीएम नूरपुर को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। इसमें पठानकोट-मंडी फोरलेन परियोजना के लिए अधिगृहीत की जाने वाली भूमि और भवनों के प्रभावितों को दिए जाने वाले मुआवजे के लिए फोरलेन अधिनियम 2013 के प्रावधानों के अनुरूप मापदंड बनाने और भूमि के मुआवजे को फैक्टर 2 के तहत एक ही अवार्ड को लागू करने की बात को प्रमुखता से रखा।
फोरलेन संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कहा कि उन्हें उनके भवनों का सही मुआवजा दिया जाए, अन्यथा वे अपने मकानों को किसी भी सूरत में तोड़ने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि जमीनों में अधिग्रहण के समय भी उनके साथ धोखा हुआ है और जिस प्रकार के उन्हें मुआवजे का आश्वासन मिला था, उस प्रकार का उचित मुआवजा नहीं मिला। इस कारण फोरलेन प्रभावितों में रोष व्याप्त है। समिति के सदस्यों ने प्रशासन और एनएचएआई अधिकारियों के समक्ष फोरलेन की जद में आने वाले भवनों का उचित मुआवजा देने की मांग उठाई, ताकि वे अपना पुनर्वास कर सकें। समिति के सदस्यों ने प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारियों से उन्हें पेश आ रही समस्याओं और शंकाओं के बारे में सवाल किए।बप्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से उनकी समस्याओं और शंकाओं के समाधान के बारे में विस्तार से अवगत करवाया गया। इस अवसर एसडीएम नूरपुर अनिल भारद्वाज ने बताया कि फोरलेन प्रभावितों की समस्याओं को हल करने का प्रयास किया जाएगा और उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
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इस अवसर पर फोरलेन संघर्ष समिति ने एसडीएम नूरपुर को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। इसमें पठानकोट-मंडी फोरलेन परियोजना के लिए अधिगृहीत की जाने वाली भूमि और भवनों के प्रभावितों को दिए जाने वाले मुआवजे के लिए फोरलेन अधिनियम 2013 के प्रावधानों के अनुरूप मापदंड बनाने और भूमि के मुआवजे को फैक्टर 2 के तहत एक ही अवार्ड को लागू करने की बात को प्रमुखता से रखा।
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फोरलेन संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कहा कि उन्हें उनके भवनों का सही मुआवजा दिया जाए, अन्यथा वे अपने मकानों को किसी भी सूरत में तोड़ने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि जमीनों में अधिग्रहण के समय भी उनके साथ धोखा हुआ है और जिस प्रकार के उन्हें मुआवजे का आश्वासन मिला था, उस प्रकार का उचित मुआवजा नहीं मिला। इस कारण फोरलेन प्रभावितों में रोष व्याप्त है। समिति के सदस्यों ने प्रशासन और एनएचएआई अधिकारियों के समक्ष फोरलेन की जद में आने वाले भवनों का उचित मुआवजा देने की मांग उठाई, ताकि वे अपना पुनर्वास कर सकें। समिति के सदस्यों ने प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारियों से उन्हें पेश आ रही समस्याओं और शंकाओं के बारे में सवाल किए।बप्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से उनकी समस्याओं और शंकाओं के समाधान के बारे में विस्तार से अवगत करवाया गया। इस अवसर एसडीएम नूरपुर अनिल भारद्वाज ने बताया कि फोरलेन प्रभावितों की समस्याओं को हल करने का प्रयास किया जाएगा और उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
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