हिमाचल शिक्षा बोर्ड: अंतरराष्ट्रीय स्तर की होगी वोकेशनल विषयों की मान्यता, बोर्ड के जिम्मे होगा पाठ्यक्रम
स्कूल शिक्षा बोर्ड को एनसीवीटी से ड्यूल स्टेटस मिला है। इसके चलते अब शिक्षा बोर्ड अकादमिक पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा भी विद्यार्थियों को मुहैया करवाएगा।
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को एनसीवीटी से ड्यूल स्टेटस मिला है। इसके चलते अब शिक्षा बोर्ड अकादमिक पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा भी विद्यार्थियों को मुहैया करवाएगा। शिक्षा बोर्ड की ओर से पढ़ाई जाने वाले इस व्यावसायिक शिक्षा की मान्यता अंतरराष्ट्रीय स्तर तक होगी। 9वीं से 12वीं कक्षा तक पढ़ाए जाने वाले वोकेशनल विषयों का पाठ्यक्रम, संचालन और मूल्यांकन सीधे शिक्षा बोर्ड के अधीन होगा। इससे पहले इन विषयों की निगरानी समग्र शिक्षा के तहत होती थी। शिक्षा बोर्ड एनसीवीटी से ड्यूल स्टेटस मिलने के बाद अकादमिक पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा भी उपलब्ध करवाएगा।
इससे प्रदेश के स्कूली विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कौशल आधारित प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा। शिक्षा बोर्ड की ओर से संचालित किए जाने वाले इन व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की मान्यता राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक होगी। इसमें 9वीं से 12वीं कक्षा तक पढ़ाए जाने वाले वोकेशनल विषयों का पाठ्यक्रम तैयार करने, प्रशिक्षण की रूपरेखा तय करने, मूल्यांकन करने और प्रमाणपत्र जारी करने की जिम्मेदारी सीधे शिक्षा बोर्ड के पास होगी। शिक्षा बोर्ड इन कोर्सों को उद्योगों की मांग के अनुरूप शुरू करेगा, जिससे विद्यार्थियों को भी रोजगार के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूली स्तर पर ही व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने से युवाओं के सामने रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
स्कूल शिक्षा बोर्ड को एनसीवीटी से ड्यूल स्टेटस मिला है। इसके चलते शिक्षा बोर्ड अब व्यावसायिक कोर्स भी करवाएगा। इन व्यावसायिक कोर्सों की मान्यता अंतरराष्ट्रीय स्तर की होगी। - डॉ. मेजर विशाल शर्मा, सचिव, स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला।