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Kangra News: धर्मशाला अस्पताल में दम तोड़ रहीं स्वास्थ्य योजनाएं

Wed, 14 Jan 2026 06:41 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Wed, 14 Jan 2026 06:41 AM IST
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Health schemes are dying in Dharamshala hospital
धर्मशाला। प्रदेश सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में खोखले साबित हो रहे हैं। यहां आयुष्मान और हिमकेयर जैसे मुफ्त इलाज के कार्ड महज कागजी टुकड़ा बनकर रह गए हैं। हालात इतने बदतर हैं कि गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन के लिए भी मरीजों को दवाएं और सर्जिकल उपकरण निजी मेडिकल स्टोर से अपने खर्च पर खरीदने पड़ रहे हैं।
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अस्पताल में इस संकट की मुख्य वजह सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन की लंबित देनदारी है। सरकार की ओर से पिछले कई महीनों से लगभग 40 लाख रुपये का भुगतान न किए जाने के कारण कॉरपोरेशन ने दवाओं की सप्लाई रोक दी है। पिछले तीन-चार महीनों से मरीजों को इन योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
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अस्पताल प्रशासन की ओर से सरकार को दोनों योजनाओं के तहत देनदारी का भुगतान करने को कहा गया है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। क्षेत्रीय अस्पताल के अलावा जिले के अन्य सिविल अस्पतालों में भी दोनों योजनाओं की देनदारी करोड़ों में पहुंच गई है, लेकिन मरीजों को फिलहाल निशुल्क इलाज मिल रहा है।
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मुझे पित्त की पत्थरी का ऑपरेशन करवाना है। मेरे पास हिमकेयर कार्ड है, लेकिन अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दवाइयां और ऑपरेशन का सामान बाहर से लाना होगा। जब सब खुद ही खरीदना है, तो कार्ड होने का क्या फायदा? -प्रियंका, निवासी गगल
मैंने अपनी सास के मोतियाबिंद का ऑपरेशन यहां करवाया। हमें उम्मीद थी कि मुफ्त इलाज मिलेगा, लेकिन असलियत में हमें एक-एक सुई और दवा निजी स्टोर से अपने पैसों पर खरीदनी पड़ी। सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला। -सोनिका, निवासी सकोह


हमने सरकार को लंबित देनदारी के बारे में लिखित रूप में अवगत करवा दिया है। चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि जो दवाएं स्टॉक में उपलब्ध हैं, वे मरीजों को प्राथमिकता पर दी जाएं। फिलहाल कुछ दवाएं और उपकरण मरीजों को बाहर से लेने पड़ रहे हैं। जैसे ही सरकार फंड जारी करेगी, योजनाओं का लाभ सुचारू रूप से मिलने लगेगा। -डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला
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