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Kangra News: दो ट्रेन चलने से खुशी, सभी रेलगाड़ियां चले तो मिले राहत

Fri, 27 Sep 2024 07:52 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Fri, 27 Sep 2024 07:52 PM IST
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Happy with running of two trains, relief if all trains run
कांगड़ा से बैजनाथ-पपरोला ट्रेन चलने पर पंचरुखी स्टेशन पर ट्रेन पर चढ़ते हुए लोग। संवाद
पंचरुखी (कांगड़ा)। कांगड़ा से बैजनाथ के लिए वीरवार को चली ट्रेन को देख इलाके के लोगों ने खुशी जताई। लोगों का कहना है कि काफी दिनों से बंद पड़ी ट्रेन को देख खुशी हुई है, लेकिन इसके साथ ही लोगों का कहना था कि बहुत दुखद है कि साल भर में कुछ समय ही ट्रेन चल पाती है। पठानकोट-जोगेंद्रनगर रेलवे बोर्ड राजनीतिक लापरवाही का शिकार है। लोगों का कहना है कि दो ट्रेनों को चलाकर लोगों को झुनझुना देने वाली बात है।
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सब ट्रेनें चलनी चाहिए और अंग्रेजों के समय से चल रही रेलवे को हमारे बुजुर्गों ने श्रमदान किया है, इसे सरकार को तवज्जो देनी चाहिए। ट्रेन के चलने से दर्जनों गांवों को और पंचरुखी बाजार को विशेष फायदा होता है। समाजसेवी सतीश ने कहा कि कांगड़ा घाटी की रेललाइन की खराब स्थिति के कारण ट्रेनों की संख्या में कमी आई है। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसके कारण मोदी और तत्कालीन रेल मंत्री ने इसे सुधारने की प्रतिबद्धता जताई थी। अब, केवल दो स्लॉट चलाना और इसे जनता पर उपकार के रूप में प्रस्तुत करना अनुचित और भ्रामक है।
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नीलम अवस्थी का कहना है कि कांगड़ा घाटी रेलवे की देखरेख के लिए स्पेशल बजट का प्रावधान होना चाहिए। दूसरा अंग्रेजों के समय से चलाई हुई ट्रेन से भावनात्मक लगाव से जुड़े हुए हैं, क्योकि हमारे बुजर्गों ने रेल ट्रैक को बनवाने में अपने श्रमदान का योगदान भी दिया है।
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पंचरुखी में रेलवे टिकट वेंडर का काम करने वाले विनोद कुमार का कहना है कि अगर सब ट्रेनें बहाल हों तो स्टेशन पर रोज ही सैकड़ों लोग आवाजाही कर सकेंगे।

मच्छयाल घाट से गुरु प्रेमानंद का कहना है कि रेलवे दशकों से पंचरुखी को सेवाएं देती रही है। इसको जल्द बहाल करना चाहिए। पठानकोट से आर्मी से छुट्टी आने वाले अंद्रेटा घाट, शोभासिंह आर्ट गैलरी, माता आशापुरी का मंदिर आदि कई स्थान है, जहां लोग ट्रेन की सुविधा लेते थे, जो अभी लगभग बंद है।
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