{"_id":"62bc95f890bbe7796b2ec7f6","slug":"gst-hoteliers-and-kangra-news-sml413685173","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी का होटल कारोबारियों और आम आदमी की जेब पर पड़ेगा असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी का होटल कारोबारियों और आम आदमी की जेब पर पड़ेगा असर
विज्ञापन
धर्मशाला। होटलों में 1000 रुपये से कम किराये के कमरों सहित पैक दही, पनीर, शहद, मीट, मछली पर पांच प्रतिशत का नया जीएसटी स्लैब लगाने से आम आदमी सहित होटल कारोबारियों को झटका लगा है। पहले इन खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी नहीं लगती थी, लेकिन अब इन पर जीएसटी लगने से इसका सीधा बोझ आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।
वहीं, ढाई साल से कोराना की मार झेल रहे होटल कारोबार के इसी साल अच्छे दिन शुरू हो रहे थे, लेकिन जीएसटी का नया स्लैब पटरी पर लौट रहे होटल कारोबार को भी काफी हद तक प्रभावित करेगा। जीएसटी को लेकर संवाददाता ने होटल कारोबारियों और दुकानदारों से चर्चा की। इस दौरान इस वर्ग ने अपने विचार कुछ इस तरह रखे।
आम आदमी की जेब पर पड़ेगा इसका असर
पैक दही, पनीर, शहद और अन्य खाद्य वस्तुओं पर लगाए गए पांच प्रतिशत जीएसटी का असर व्यापारी से ज्यादा आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। इससे इन वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी होगी। इसका सीधे तौर पर आम आदमी वरा असर पड़ेगा। - रघुवीर सिंह, दुकानदार
विज्ञापन
उपभोक्ता वर्ग को होगी परेशानी
इस फैसले से व्यापारी वर्ग से ज्यादा उपभोक्ता को परेशानी होगी। व्यापारी को जीएसटी पीछे से ही लगकर आती है, लेकिन, इससे खाद्य वस्तुओं में कीमतों में उछाल आएगा। जिसका सीधा प्रभाव आम आदमी पर पड़ेगा। - नरेश चड्ढ़ा, व्यापारी
जीएसटी का यह स्लैब होटल कारोबार को झटका
होटल व्यवसाय को पिछले ढाई साल से कोरोना की मार पड़ रही है। वहीं, अब 1,000 से कम कीमत के कमरे में भी पांच फीसदी जीएसटी लगाकर कारोबारियों पर टैक्स का बोझ डाला गया है। इससे सीधा असर आगे कारोबार पर पड़ेगा। - विवेक महाजन, होटल कारोबारी
जीएसटी के इस फैसले पर करना चाहिए सोच-विचार
होटल कारोबारियों कोरोना महामारी के नुकसान से अभी तक उभर नहीं पा रहे थे। होटल कारोबारियों के ढाई साल के बाद अच्छे दिन आना शुरू हुए थे। सरकार को अभी यह जीएसटी का नया स्लैब नहीं लगाना चाहिए था। सरकार को चाहिए कि इस फैसले को लेकर अभी सोच विचार करे। - राहुल धीमान, अध्यक्ष, होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन स्मार्ट सिटी धर्मशाला अध्यक्ष
विज्ञापन
वहीं, ढाई साल से कोराना की मार झेल रहे होटल कारोबार के इसी साल अच्छे दिन शुरू हो रहे थे, लेकिन जीएसटी का नया स्लैब पटरी पर लौट रहे होटल कारोबार को भी काफी हद तक प्रभावित करेगा। जीएसटी को लेकर संवाददाता ने होटल कारोबारियों और दुकानदारों से चर्चा की। इस दौरान इस वर्ग ने अपने विचार कुछ इस तरह रखे।
विज्ञापन
आम आदमी की जेब पर पड़ेगा इसका असर
पैक दही, पनीर, शहद और अन्य खाद्य वस्तुओं पर लगाए गए पांच प्रतिशत जीएसटी का असर व्यापारी से ज्यादा आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। इससे इन वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी होगी। इसका सीधे तौर पर आम आदमी वरा असर पड़ेगा। - रघुवीर सिंह, दुकानदार
विज्ञापन
उपभोक्ता वर्ग को होगी परेशानी
इस फैसले से व्यापारी वर्ग से ज्यादा उपभोक्ता को परेशानी होगी। व्यापारी को जीएसटी पीछे से ही लगकर आती है, लेकिन, इससे खाद्य वस्तुओं में कीमतों में उछाल आएगा। जिसका सीधा प्रभाव आम आदमी पर पड़ेगा। - नरेश चड्ढ़ा, व्यापारी
जीएसटी का यह स्लैब होटल कारोबार को झटका
होटल व्यवसाय को पिछले ढाई साल से कोरोना की मार पड़ रही है। वहीं, अब 1,000 से कम कीमत के कमरे में भी पांच फीसदी जीएसटी लगाकर कारोबारियों पर टैक्स का बोझ डाला गया है। इससे सीधा असर आगे कारोबार पर पड़ेगा। - विवेक महाजन, होटल कारोबारी
जीएसटी के इस फैसले पर करना चाहिए सोच-विचार
होटल कारोबारियों कोरोना महामारी के नुकसान से अभी तक उभर नहीं पा रहे थे। होटल कारोबारियों के ढाई साल के बाद अच्छे दिन आना शुरू हुए थे। सरकार को अभी यह जीएसटी का नया स्लैब नहीं लगाना चाहिए था। सरकार को चाहिए कि इस फैसले को लेकर अभी सोच विचार करे। - राहुल धीमान, अध्यक्ष, होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन स्मार्ट सिटी धर्मशाला अध्यक्ष