{"_id":"69c69b03c0b675c67c063912","slug":"girls-took-to-the-streets-to-protest-against-the-merger-of-the-school-surrounded-the-administration-kangra-news-c-95-1-ssml1008-226422-2026-03-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: स्कूल के मर्जर के खिलाफ सड़कों पर उतरीं छात्राएं, प्रशासन को घेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: स्कूल के मर्जर के खिलाफ सड़कों पर उतरीं छात्राएं, प्रशासन को घेरा
विज्ञापन
धर्मशाला के गर्ल्स स्कूल को मर्ज करने के विरोध में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए स्कूली छात्राए
धर्मशाला। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (कन्या) धर्मशाला को अन्य स्कूल के साथ मर्ज करने के प्रस्ताव ने तूल पकड़ लिया है। इस निर्णय के विरोध में शुक्रवार को सैकड़ों छात्राओं और उनके अभिभावकों ने शहर में रोष रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्राओं का हुजूम उपायुक्त कार्यालय पहुंचा, जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई।
स्कूल प्रबंधन समिति की अध्यक्ष सुमिता पठानिया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा से मुलाकात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कन्या स्कूल धर्मशाला का अपना एक ऐतिहासिक अस्तित्व है। इसे अन्य स्कूल के साथ मिलाना तर्कसंगत नहीं है। अभिभावकों का तर्क है कि सरकार के इस फैसले से न केवल छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होगी, बल्कि उनकी सुरक्षा और सहज शैक्षणिक माहौल पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
इस विरोध प्रदर्शन को स्थानीय व्यापार मंडल का भी समर्थन मिला। कचहरी अड्डा व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुनीष लुथरा, महासचिव गर्वित शर्मा और कोतवाली बाजार के प्रधान अनुज कश्यप सहित कई प्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने कन्या और बाल विद्यालयों को मर्ज करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा। उन्होंने मांग की है कि इस पुराने और प्रतिष्ठित कन्या स्कूल के अलग अस्तित्व को हर हाल में बरकरार रखा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्कूल प्रबंधन समिति की अध्यक्ष सुमिता पठानिया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा से मुलाकात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कन्या स्कूल धर्मशाला का अपना एक ऐतिहासिक अस्तित्व है। इसे अन्य स्कूल के साथ मिलाना तर्कसंगत नहीं है। अभिभावकों का तर्क है कि सरकार के इस फैसले से न केवल छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होगी, बल्कि उनकी सुरक्षा और सहज शैक्षणिक माहौल पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
विज्ञापन
इस विरोध प्रदर्शन को स्थानीय व्यापार मंडल का भी समर्थन मिला। कचहरी अड्डा व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुनीष लुथरा, महासचिव गर्वित शर्मा और कोतवाली बाजार के प्रधान अनुज कश्यप सहित कई प्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने कन्या और बाल विद्यालयों को मर्ज करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा। उन्होंने मांग की है कि इस पुराने और प्रतिष्ठित कन्या स्कूल के अलग अस्तित्व को हर हाल में बरकरार रखा जाए।

धर्मशाला के गर्ल्स स्कूल को मर्ज करने के विरोध में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए स्कूली छात्राए
विज्ञापन