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Kangra News: राजीव आवास योजना में फर्जीवाड़ा, पूर्व प्रधान और लाभार्थी महिला दोषी करार

Sat, 12 Jul 2025 12:20 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Jul 2025 12:20 AM IST
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Fraud in Rajiv Awas Yojana, former head and beneficiary woman found guilty
धर्मशाला। विशेष न्यायाधीश एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कांगड़ा राजेश चौहान की अदालत ने ग्राम पंचायत बंदला से संबंधित धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के एक मामले में दो महिलाओं को दोषी ठहराया है। दोषियों में इछया देवी निवासी गांव नछीर (बंदला) और तत्कालीन प्रधान सुदर्शना देवी निवासी गांव बंदला, तहसील पालमपुर शामिल हैं।
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अदालत ने इछया देवी को भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत विभिन्न सजाएं सुनाईं। इन अपराधों के लिए उन्हें कुल छह महीने से लेकर 1 साल तक की अलग-अलग सजाएं और कुल 30,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का आदेश भी दिया गया है। हालांकि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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इसी प्रकार तत्कालीन प्रधान सुदर्शना देवी को भी उपरोक्त धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए कुल छह महीने से लेकर 1 साल तक की अलग-अलग सजाएं और कुल 30,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) के तहत एक वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपये के जुर्माने की अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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विशेष लोक अभियोजक देवेंद्र चौधरी ने बताया कि इस मामले की शुरुआत 24 नवंबर 2005 को हुई थी, जब बंदला निवासी त्रिलोक चंद ने पुलिस अधीक्षक, प्रवर्तन शाखा धर्मशाला को शिकायत सौंपी थी। शिकायत में कहा था कि वह एक आईआरडीपी (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार से संबंधित है। उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर पंचायत प्रधान सुदर्शना देवी और सचिव धर्म चंद ने मिलकर राजीव आवास योजना के अंतर्गत एक फर्जी पंचायत प्रस्ताव तैयार किया।
इस प्रस्ताव के माध्यम से इछया देवी को 27,500 रुपये की सरकारी राशि लाभार्थी के रूप में स्वीकृत करवा दी गई, जबकि उक्त लाभार्थी पात्र नहीं थी और प्रस्ताव पंचायत की नियमित प्रक्रिया के तहत पारित नहीं हुआ था। जांच में सामने आया कि उक्त प्रस्ताव पंचायत रिकॉर्ड में मौजूद नहीं था और फर्जी तरीके से तैयार किया गया था।

जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि पंचायत प्रस्ताव और लाभ की मंजूरी में धांधली की गई थी। इस मामले में तत्कालीन एसईबीपीओ रतन चंद की मृत्यु हो चुकी है, जबकि आरोपी सचिव धर्म चंद की भी मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई। शेष दोनों लाभार्थी इछया देवी और तत्कालीन प्रधान सुदर्शना देवी अभियुक्तों को शुक्रवार को न्यायालय द्वारा दोषी करार दिया गया और उन्हें विभिन्न धाराओं के अंतर्गत सजा सुनाई गई।
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