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Kangra News: अब शिक्षक भी पहनेंगे वर्दी, कांगड़ा के चार स्कूलों ने अपनाया ड्रेस कोड
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ड्रेस कोड में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नंदरूल के शिक्षक। संवाद
धर्मशाला। जिला कांगड़ा के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों के बीच एक नई पहल देखने को मिल रही है। यहां कई स्कूलों में शिक्षक और शिक्षिकाएं अब तय ड्रेस कोड में नजर आएंगे। यह कदम पूरी तरह स्वेच्छा पर आधारित है, जिसमें शिक्षकों ने स्वयं अपने लिए वर्दी का रंग और उसे पहनने के दिन तय किए हैं।
इस पहल की शुरुआत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नंदरूल से हुई है, जहां शिक्षिकाएं गुलाबी रंग के सूट-सलवार और साड़ी, जबकि शिक्षक सफेद कमीज और काली पैंट पहनेंगे। यह ड्रेस कोड सप्ताह में दो दिन, गुरुवार और शनिवार को अपनाया जाएगा। स्कूल प्रशासन का मानना है कि यह कदम अनुशासन, एकरूपता और पेशेवर वातावरण को बढ़ावा देगा।
प्रदेश के शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को स्वेच्छा से ड्रेस कोड अपनाने का सुझाव दिया था। इसके तहत कांगड़ा जिले के रोहाड़ा, पीड़ी, नंदरूल और गंगथ स्कूलों ने सबसे पहले इस दिशा में पहल की है। इन स्कूलों में शिक्षकों ने आपसी सहमति से न केवल ड्रेस का रंग तय किया है, बल्कि यह भी तय किया है कि सप्ताह में किन दिनों ड्रेस कोड अपनाया जाएगा।
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उच्च शिक्षा विभाग कांगड़ा के उपनिदेशक विकास महाजन ने बताया कि अब तक जिले के चार स्कूलों ने स्वेच्छा से ड्रेस कोड अपनाने की सूचना दी है। ड्रेस कोड लागू करने के लिए किसी भी प्रकार का दबाव नहीं है, लेकिन यह एक सकारात्मक पहल है जिससे स्कूलों में अनुशासन और समानता की भावना बढ़ेगी। ड्रेस कोड अपनाने वाले स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है और अन्य स्कूलों से भी इस संबंध में जानकारी मांगी गई है। आने वाले दिनों में इस पहल में और अधिक स्कूल शामिल होंगे।
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इस पहल की शुरुआत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नंदरूल से हुई है, जहां शिक्षिकाएं गुलाबी रंग के सूट-सलवार और साड़ी, जबकि शिक्षक सफेद कमीज और काली पैंट पहनेंगे। यह ड्रेस कोड सप्ताह में दो दिन, गुरुवार और शनिवार को अपनाया जाएगा। स्कूल प्रशासन का मानना है कि यह कदम अनुशासन, एकरूपता और पेशेवर वातावरण को बढ़ावा देगा।
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प्रदेश के शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को स्वेच्छा से ड्रेस कोड अपनाने का सुझाव दिया था। इसके तहत कांगड़ा जिले के रोहाड़ा, पीड़ी, नंदरूल और गंगथ स्कूलों ने सबसे पहले इस दिशा में पहल की है। इन स्कूलों में शिक्षकों ने आपसी सहमति से न केवल ड्रेस का रंग तय किया है, बल्कि यह भी तय किया है कि सप्ताह में किन दिनों ड्रेस कोड अपनाया जाएगा।
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उच्च शिक्षा विभाग कांगड़ा के उपनिदेशक विकास महाजन ने बताया कि अब तक जिले के चार स्कूलों ने स्वेच्छा से ड्रेस कोड अपनाने की सूचना दी है। ड्रेस कोड लागू करने के लिए किसी भी प्रकार का दबाव नहीं है, लेकिन यह एक सकारात्मक पहल है जिससे स्कूलों में अनुशासन और समानता की भावना बढ़ेगी। ड्रेस कोड अपनाने वाले स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है और अन्य स्कूलों से भी इस संबंध में जानकारी मांगी गई है। आने वाले दिनों में इस पहल में और अधिक स्कूल शामिल होंगे।