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Kangra News: नूरपुर बॉय स्कूल का दर्जा घटाने पर भड़के पूर्व मंत्री, खोला मोर्चा
Sun, 26 Apr 2026 09:23 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 26 Apr 2026 09:23 AM IST
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नूरपुर के ऐतिहासिक बॉय स्कूल में अभिभावकों व छात्रों से बातचीत करते हुए पूर्व मंत्री राकेश पठान
नूरपुर (कांगड़ा)। शहर के ऐतिहासिक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) का दर्जा घटाकर हाई स्कूल करने के फैसले ने तूल पकड़ लिया है। हेरिटेज स्कूल के अस्तित्व पर आए इस संकट को लेकर अभिभावकों और छात्रों में गहरा रोष है। इसी कड़ी में पूर्व मंत्री एवं दिग्गज भाजपा नेता राकेश पठानिया ने जनभावनाओं के विपरीत लिए गए इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
शनिवार को बॉय स्कूल पहुंचे राकेश पठानिया ने स्टाफ, अभिभावकों और छात्रों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस स्कूल से कई नामचीन हस्तियां निकली हैं और यह नूरपुर शहर की विशिष्ट पहचान है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने इस हेरिटेज स्कूल का दर्जा घटाकर शहरवासियों की भावनाओं पर कुठाराघात किया है।
पठानिया ने कहा कि वे इस गंभीर मसले को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे और इस स्कूल को यथावत बहाल करने का पुरजोर आग्रह करेंगे। गौरतलब है कि बीटीसी गर्ल्स स्कूल के सीबीएसई से संबद्ध होने के बाद शहर के पांच किलोमीटर के दायरे में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध कोई दूसरा सरकारी स्कूल नहीं बचा है। ऐसे में जो अभिभावक अपनी बेटियों को शहर से बाहर भेजने के पक्ष में नहीं हैं, उनके सामने शिक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
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दाखिले के इंतजार में बैठे हैं छात्र
इस ऐतिहासिक स्कूल में पिछले कई दशकों से विज्ञान, कला और वाणिज्य तीनों संकायों की कक्षाएं चल रही हैं। वर्तमान सत्र में भी जमा एक और दो कक्षा के 60 से अधिक छात्र अभी भी दाखिले का इंतजार कर रहे हैं।
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शनिवार को बॉय स्कूल पहुंचे राकेश पठानिया ने स्टाफ, अभिभावकों और छात्रों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस स्कूल से कई नामचीन हस्तियां निकली हैं और यह नूरपुर शहर की विशिष्ट पहचान है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने इस हेरिटेज स्कूल का दर्जा घटाकर शहरवासियों की भावनाओं पर कुठाराघात किया है।
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पठानिया ने कहा कि वे इस गंभीर मसले को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे और इस स्कूल को यथावत बहाल करने का पुरजोर आग्रह करेंगे। गौरतलब है कि बीटीसी गर्ल्स स्कूल के सीबीएसई से संबद्ध होने के बाद शहर के पांच किलोमीटर के दायरे में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध कोई दूसरा सरकारी स्कूल नहीं बचा है। ऐसे में जो अभिभावक अपनी बेटियों को शहर से बाहर भेजने के पक्ष में नहीं हैं, उनके सामने शिक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
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दाखिले के इंतजार में बैठे हैं छात्र
इस ऐतिहासिक स्कूल में पिछले कई दशकों से विज्ञान, कला और वाणिज्य तीनों संकायों की कक्षाएं चल रही हैं। वर्तमान सत्र में भी जमा एक और दो कक्षा के 60 से अधिक छात्र अभी भी दाखिले का इंतजार कर रहे हैं।