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Kangra News: एंटी रैगिंग कमेटी और शिकायत प्रकोष्ठों के बारे में बताया

Fri, 30 Jan 2026 01:16 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jan 2026 01:16 AM IST
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Explained about the Anti-Ragging Committee and Grievance Cells
टांडा (कांगड़ा)। शैक्षणिक परिसरों को सुरक्षित, समावेशी और छात्र-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल में एमबीबीएस और बीएससी पाठ्यक्रमों के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर के एंटी-रैगिंग वेबिनार में सहभागिता की। वेबिनार राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के अध्यक्ष के नेतृत्व में करवाया गया।
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इसका उद्देश्य देशभर के मेडिकल एवं संबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों से रैगिंग की पूर्ण समाप्ति और परस्पर सम्मान, गरिमा व पेशेवर आचरण की संस्कृति को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम में विभिन्न प्रोफेशनल वर्षों के स्नातक मेडिकल छात्रों के साथ-साथ बीएससी के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। काॅलेज प्रधानाचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने कहा कि बड़ी संख्या में उपस्थिति इस बात का संकेत है कि छात्र और शिक्षक दोनों ही रैगिंग जैसे गंभीर विषय को लेकर संवेदनशील हैं और शैक्षणिक संस्थानों में शून्य-सहिष्णुता नीति के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
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वेबिनार की शुरुआत एनएमसी की एंटी-रैगिंग पहल के उद्देश्यों की जानकारी से हुई। इसमें छात्रों और संस्थानों की नैतिक, कानूनी और पेशेवर जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला गया। अपने मुख्य संबोधन में एनएमसी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि रैगिंग कोई परंपरा नहीं, बल्कि मानवाधिकारों, गरिमा और चिकित्सा पेशे की नैतिक मूल्यों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि भावी चिकित्सकों और स्वास्थ्य पेशेवरों को अपने प्रशिक्षण की शुरुआत से ही करुणा, सहानुभूति और सम्मान का पालन करना चाहिए।
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वेबिनार में दोहराया गया कि शारीरिक, मौखिक, मानसिक या साइबर किसी भी रूप में रैगिंग एनएमसी, यूजीसी के नियमों और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत कड़ी अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई को आमंत्रित करेगी। छात्रों को संस्थानों में गठित एंटी-रैगिंग कमेटी, एंटी-रैगिंग स्क्वॉड, मेंटरिंग सिस्टम और शिकायत प्रकोष्ठों के बारे में अवगत कराया गया। राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल और अन्य सहायता प्रणालियों पर भी विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
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