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Kangra News: धर्मशाला नगर निगम के चुनावी दंगल में उतरे इंजीनियर और अधिवक्ता
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धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला के चुनावी रण में इस बार सियासत का रंग बदला-बदला नजर आ रहा है। पारंपरिक राजनीति के बीच इस बार तकनीकी और शिक्षण क्षेत्र से जुड़े उच्च शिक्षित उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। शहर की सरकार चुनने के लिए मतदाता इस बार न केवल विकास, बल्कि उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता को भी तवज्जो दे रहे हैं।
शहर की राजनीति में पहली बार बड़ी संख्या में इंजीनियर और शिक्षा क्षेत्र के डिग्रीधारक चुनावी मैदान में कूदे हैं। एक ओर जहां डिग्रियां चर्चा में हैं, वहीं दूसरी ओर निगम की सत्ता संभाल चुके अनुभवी दिग्गजों की साख भी दांव पर है। कश्मीर हाउस वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व महापौर नीनू शर्मा 12वीं पास हैं। वहीं, भागसूनाग वार्ड से निर्दलीय मैदान में उतरे पूर्व महापौर ओंकार सिंह नैहरिया ने मैट्रिक तक शिक्षा ग्रहण की है।
ये हैं उच्च शिक्षित चेहरे
सकोह वार्ड : कांग्रेस प्रत्याशी सुमित धनोटिया सिविल डिप्लोमा के साथ तकनीकी क्षेत्र का अनुभव लेकर मैदान में हैं।
खनियारा वार्ड : भाजपा ने प्रवीण कुमार पर दांव खेला है, जिन्होंने एमए-बीएड की डिग्री हासिल की है।
खेल परिसर वार्ड : भाजपा की ओर से प्रेरणा चुनाव लड़ रही हैं, जो पेशे से बीटेक (इंजीनियर) हैं।
फरसेटगंज वार्ड : कांग्रेस की हिमांशी बीसीए डिग्री के साथ युवाओं का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
कानून के जानकार और परास्नातक उम्मीदवार
सियासत की पिच पर इस बार अधिवक्ता भी अपनी दलीलें पेश करते नजर आएंगे। मैक्लोडगंज वार्ड से भाजपा प्रत्याशी आशा कुमारी एलएलबी कर चुकी हैं और अधिवक्ता के रूप में सक्रिय हैं। वहीं, श्यामनगर वार्ड से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे अतुल भारद्वाज ने भी वकालत की पढ़ाई की है और पेशे से अधिवक्ता है। कांग्रेस के अन्य उम्मीदवारों में कोतवाली बाजार से बबिता (एमए अर्थशास्त्र), रामनगर से अनुराग (बीएससी), श्यामनगर से सुदेश कुमार (शास्त्री) और बड़ोल वार्ड से स्वर्णा देवी (एमए हिंदी) जैसे उच्च शिक्षित नाम शामिल हैं।
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सबसे कम पढ़े-लिखे प्रत्याशी भी मैदान में
शिक्षा की इस दौड़ के बीच खनियारा वार्ड से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे प्रताप चंद सबसे कम पढ़े-लिखे उम्मीदवार हैं। उन्होंने छठी कक्षा तक पढ़ाई की है।
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शहर की राजनीति में पहली बार बड़ी संख्या में इंजीनियर और शिक्षा क्षेत्र के डिग्रीधारक चुनावी मैदान में कूदे हैं। एक ओर जहां डिग्रियां चर्चा में हैं, वहीं दूसरी ओर निगम की सत्ता संभाल चुके अनुभवी दिग्गजों की साख भी दांव पर है। कश्मीर हाउस वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व महापौर नीनू शर्मा 12वीं पास हैं। वहीं, भागसूनाग वार्ड से निर्दलीय मैदान में उतरे पूर्व महापौर ओंकार सिंह नैहरिया ने मैट्रिक तक शिक्षा ग्रहण की है।
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ये हैं उच्च शिक्षित चेहरे
सकोह वार्ड : कांग्रेस प्रत्याशी सुमित धनोटिया सिविल डिप्लोमा के साथ तकनीकी क्षेत्र का अनुभव लेकर मैदान में हैं।
खनियारा वार्ड : भाजपा ने प्रवीण कुमार पर दांव खेला है, जिन्होंने एमए-बीएड की डिग्री हासिल की है।
खेल परिसर वार्ड : भाजपा की ओर से प्रेरणा चुनाव लड़ रही हैं, जो पेशे से बीटेक (इंजीनियर) हैं।
फरसेटगंज वार्ड : कांग्रेस की हिमांशी बीसीए डिग्री के साथ युवाओं का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
कानून के जानकार और परास्नातक उम्मीदवार
सियासत की पिच पर इस बार अधिवक्ता भी अपनी दलीलें पेश करते नजर आएंगे। मैक्लोडगंज वार्ड से भाजपा प्रत्याशी आशा कुमारी एलएलबी कर चुकी हैं और अधिवक्ता के रूप में सक्रिय हैं। वहीं, श्यामनगर वार्ड से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे अतुल भारद्वाज ने भी वकालत की पढ़ाई की है और पेशे से अधिवक्ता है। कांग्रेस के अन्य उम्मीदवारों में कोतवाली बाजार से बबिता (एमए अर्थशास्त्र), रामनगर से अनुराग (बीएससी), श्यामनगर से सुदेश कुमार (शास्त्री) और बड़ोल वार्ड से स्वर्णा देवी (एमए हिंदी) जैसे उच्च शिक्षित नाम शामिल हैं।
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सबसे कम पढ़े-लिखे प्रत्याशी भी मैदान में
शिक्षा की इस दौड़ के बीच खनियारा वार्ड से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे प्रताप चंद सबसे कम पढ़े-लिखे उम्मीदवार हैं। उन्होंने छठी कक्षा तक पढ़ाई की है।