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Kangra News: कर्मचारियों और नियोक्ताओं को मिलेगी वित्तीय सहायता
Sun, 20 Jul 2025 06:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 20 Jul 2025 06:33 AM IST
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पालमपुर (कांगड़ा)। सहायक भविष्य निधि आयुक्त एवं प्रभारी अधिकारी-कर्मचारी भविष्य निधि संगठन जिला कार्यालय पालमपुर विजय कुमार ने बताया कि भारत सरकार ने नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों के लिए रोजगार संबद्ध प्रोत्साहन योजना पर अपनी मंजूरी दे दी है। इस योजना की घोषणा वित्त मंत्री भारत सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में की थी।
इस योजना का क्रियान्वयन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार द्वारा किया जाएगा। इस योजना के तहत कर्मचारियों एवं उनके नियोक्ताओं को वित्तीय सहायता प्रदान कर प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना के तहत जहां पहली बार रोजगार पाने वाले कर्मचारियों को एक महीने का वेतन (15,000 रुपये तक) मिलेगा। वहीं नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार पैदा करने के लिए दो साल की अवधि के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही विनिर्माण क्षेत्र के लिए दो साल के लिए विस्तारित लाभ दिया जाएगा। इस योजना का लाभ एक अगस्त 2025 से 31 जुलाई, 2027 के बीच सृजित रोजगार पर लागू होगा।
योजना के भाग ए में पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को ध्यान में रखते हुए, इस भाग में एक महीने का ईपीएफ वेतन 15,000 रुपये तक दो किस्तों में दिया जाएगा। इसके लिए एक लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारी पात्र होंगे। इससे भाग ए से पहली बार रोजगार पर आने वाले लगभग 1.92 करोड़ कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। भाग बी में सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार सृजन को शामिल किया जाएगा। इसमें विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नियोक्ताओं को एक लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारियों के संबंध में प्रोत्साहन मिलेगा।
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सरकार नियोक्ताओं को कम से कम छह महीने तक निरंतर रोजगार वाले प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो साल तक 3000 रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन देगी। विनिर्माण क्षेत्र के लिए प्रोत्साहन तीसरे और चौथे वर्ष तक भी बढ़ाया जाएगा। विजय कुमार सहायक भविष्य निधि आयुक्त ने बताया कि इसके लिए जनसंपर्क कार्यक्रमों का आयोजन भी करेंगे।
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इस योजना का क्रियान्वयन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार द्वारा किया जाएगा। इस योजना के तहत कर्मचारियों एवं उनके नियोक्ताओं को वित्तीय सहायता प्रदान कर प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना के तहत जहां पहली बार रोजगार पाने वाले कर्मचारियों को एक महीने का वेतन (15,000 रुपये तक) मिलेगा। वहीं नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार पैदा करने के लिए दो साल की अवधि के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही विनिर्माण क्षेत्र के लिए दो साल के लिए विस्तारित लाभ दिया जाएगा। इस योजना का लाभ एक अगस्त 2025 से 31 जुलाई, 2027 के बीच सृजित रोजगार पर लागू होगा।
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योजना के भाग ए में पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को ध्यान में रखते हुए, इस भाग में एक महीने का ईपीएफ वेतन 15,000 रुपये तक दो किस्तों में दिया जाएगा। इसके लिए एक लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारी पात्र होंगे। इससे भाग ए से पहली बार रोजगार पर आने वाले लगभग 1.92 करोड़ कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। भाग बी में सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार सृजन को शामिल किया जाएगा। इसमें विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नियोक्ताओं को एक लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारियों के संबंध में प्रोत्साहन मिलेगा।
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सरकार नियोक्ताओं को कम से कम छह महीने तक निरंतर रोजगार वाले प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो साल तक 3000 रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन देगी। विनिर्माण क्षेत्र के लिए प्रोत्साहन तीसरे और चौथे वर्ष तक भी बढ़ाया जाएगा। विजय कुमार सहायक भविष्य निधि आयुक्त ने बताया कि इसके लिए जनसंपर्क कार्यक्रमों का आयोजन भी करेंगे।