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Kangra News: धर्मशाला अस्पताल में अर्थिंग वायर चोरी, नहीं हो रहे सिटी स्कैन
Wed, 09 Oct 2024 12:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 09 Oct 2024 12:18 AM IST
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धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में पीपीपी मोड पर लगाई गई सिटी स्कैन मशीन की अर्थिंग वायर चोरी होने से वहां सिटी स्कैन नहीं हो पा रहे हैं। इस वजह से क्षेत्र के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को निजी अस्पतालों में हजारों रुपये चुकाकर सिटी स्कैन करवाने पड़ रहे हैं, जो धर्मशाला अस्पताल में सस्ते दामों में हो जाते हैं। धर्मशाला अस्पताल में सीटी स्कैन 1,000 से 2,500 रुपये तक हो जाते हैं, लेकिन टेस्ट निजी अस्पतालों में पांच हजार रुपये से अधिक में होते हैं।
जानकारी के अनुसार धर्मशाला अस्पताल में पीपीपी मोड पर क्रस्ना लैब सीटी स्कैन और एक्स-रे करती है, लेकिन सीटी स्कैन की मशीन को दी गई अर्थिंग वायर (तांबे की तार) को कोई चोरी कर ले गया है। इस वजह से मशीन काम नहीं कर पा रही है। दोबारा से अर्थिंग वायर को डालने के लिए दो से तीन दिन का समय लगेगा, तब तक मरीजों को या तो इंतजार करना पड़ेगा या निजी अस्पतालों में अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
धर्मशाला अस्पताल में लगातार हो रही चोरियों से कहीं न कहीं अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होना शुरू हो गए हैं। पहले भी कई बार अस्पताल में इस तरह की चोरियां हो चुकी हैं और अस्पताल से कई चीजें भी गायब हुई हैं। रात के समय 300 विस्तार की क्षमता वाले अस्पताल में केवल तीन से चार सुरक्षा कर्मचारी तैनात होते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था कम होने से इस तरह की बारदातें हो रही हैं, जिसका खामियाजा मरीजों को झेलना पड़ रहा है।
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बता दें कि किसी भी प्रकार की अर्थिंग के लिए तांबे की मोटी तार का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका वजन ज्यादा होने के कारण उसके दाम कबाड़ी के पास भी अच्छा मिल जाता है। इसी मंशा से शरारती तत्वों ने इस वायर की चोरी की है। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे पर्याप्त न होने के कारण इस घटना का पता नहीं चल पाया है।
केस स्टडी-
धर्मशाला की रहने वाली शालिनी ने बताया कि उनके पेट में पत्थरी है और डाॅक्टर ने उन्हें सीटी स्कैन करवाने के लिए कहा, लेकिन धर्मशाला अस्पताल में सीटी स्कैन करवाने गई तो पता चला कि मशीन काम नहीं कर पा रही है। इस वजह से डाॅक्टर ने उनका उपचार शुरू नहीं किया है, जिससे परेशान होना पड़ रहा है।
- अस्पताल में पीपीपी मोड पर लगाई सीटी स्कैन मशीन काम नहीं कर रही है। दो-तीन दिन में मशीन के लिए दोबारा अर्थिंग वायर डाल कर मशीन को सुचारू कर दिया जाएगा। वहीं, अस्पताल में सुरक्षा को बढ़ाने के लिए नए सीसीटीवी कैमरे और सोलर लाइटें लगाई जाएंगी।
- सुनील भट्ट, एसएमओ, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला
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जानकारी के अनुसार धर्मशाला अस्पताल में पीपीपी मोड पर क्रस्ना लैब सीटी स्कैन और एक्स-रे करती है, लेकिन सीटी स्कैन की मशीन को दी गई अर्थिंग वायर (तांबे की तार) को कोई चोरी कर ले गया है। इस वजह से मशीन काम नहीं कर पा रही है। दोबारा से अर्थिंग वायर को डालने के लिए दो से तीन दिन का समय लगेगा, तब तक मरीजों को या तो इंतजार करना पड़ेगा या निजी अस्पतालों में अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
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धर्मशाला अस्पताल में लगातार हो रही चोरियों से कहीं न कहीं अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होना शुरू हो गए हैं। पहले भी कई बार अस्पताल में इस तरह की चोरियां हो चुकी हैं और अस्पताल से कई चीजें भी गायब हुई हैं। रात के समय 300 विस्तार की क्षमता वाले अस्पताल में केवल तीन से चार सुरक्षा कर्मचारी तैनात होते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था कम होने से इस तरह की बारदातें हो रही हैं, जिसका खामियाजा मरीजों को झेलना पड़ रहा है।
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बता दें कि किसी भी प्रकार की अर्थिंग के लिए तांबे की मोटी तार का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका वजन ज्यादा होने के कारण उसके दाम कबाड़ी के पास भी अच्छा मिल जाता है। इसी मंशा से शरारती तत्वों ने इस वायर की चोरी की है। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे पर्याप्त न होने के कारण इस घटना का पता नहीं चल पाया है।
केस स्टडी-
धर्मशाला की रहने वाली शालिनी ने बताया कि उनके पेट में पत्थरी है और डाॅक्टर ने उन्हें सीटी स्कैन करवाने के लिए कहा, लेकिन धर्मशाला अस्पताल में सीटी स्कैन करवाने गई तो पता चला कि मशीन काम नहीं कर पा रही है। इस वजह से डाॅक्टर ने उनका उपचार शुरू नहीं किया है, जिससे परेशान होना पड़ रहा है।
- अस्पताल में पीपीपी मोड पर लगाई सीटी स्कैन मशीन काम नहीं कर रही है। दो-तीन दिन में मशीन के लिए दोबारा अर्थिंग वायर डाल कर मशीन को सुचारू कर दिया जाएगा। वहीं, अस्पताल में सुरक्षा को बढ़ाने के लिए नए सीसीटीवी कैमरे और सोलर लाइटें लगाई जाएंगी।
- सुनील भट्ट, एसएमओ, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला