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Kangra News: चीड़ की सूखीं पत्तियां बनीं बिंद्राबन के लिए आफत, आग से बढ़ा खतरा
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नगर निगम पालमपुर के वार्ड बिंद्राबन के जंगल में पड़ी सूखी चीड़ की पत्तियां। संवाद
पालमपुर (कांगड़ा)। नगर निगम पालमपुर के अंतर्गत पॉश इलाके बिंद्राबन में जंगलों में चीड़ के पेड़ों की सूखी पत्तियों के कारण आग लगने का खतरा बना हुआ है। गर्मी के मौसम में ये सूखी पत्तियां चिंगारी मिलते ही आग पकड़ लेती हैं, जिससे रिहायशी इलाकों, होटलों और स्कूलों में बड़ी तबाही मच सकती है। स्थानीय नागरिकों ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि वन विभाग को इस दिशा में तुरंत और ठोस कदम उठाने चाहिए। साथ ही लोगों को भी जागरूक करने की जरूरत है, ताकि लोग अपने स्तर पर भी इनको एक अभियान चला कर हटा सकते हैं। साथ ही यहां आने वाले पर्यटकों पर भी नजर रखनी होगी। पर्यटक वनों की खूबसूरती देख कर इन जंगलों का रुख करते हैं। कभी कभार सिगरेट हाथ में लेकर सेल्फी या फोटो भी लेते हैं। इससे भी जंगलों में आग लगने का खतरा होता है। हालांकि, इलाके में अग्निशमन विभाग की गाड़ियां जा सकती हैं, लेकिन इससे पहले इसके लिए विभाग को या स्थानीय लोगों को अपने स्तर पर भी कदम उठाने चाहिए।
बिंद्राबन वार्ड का बड़ा इलाका जंगल के साथ लगता है। इसमें चीड़ के पेड़ों की सूखी पत्तियां पड़ी रहती हैं। समय-समय पर लोग भी घरों के आसपास से पतियों को हटा देते हैं। फिर भी वन विभाग को भी इसे लेकर कदम उठाने चाहिए, ताकि किसी अनहोनी से बचा जाए। - गोपाल नाग, महापौर नगर निगम पालमपुर
बिंद्राबन वार्ड में जंगल के साथ एक छोटा बाजार है। स्कूल और निजी होटल भी हैं। साथ ही अब एक बड़ी कॉलोनी भी है। जंगल में चीड़ के पेड़ों के काफी मात्रा में सूखी पत्तियां पड़ी रहती हैं, जिसे लेकर वन विभाग को एक जागरूक अभियान भी चलाना चाहिए, ताकि लोग अपने स्तर पर भी इनको हटा सकें। - संजय राठौर, पार्षद बिंद्राबन वार्ड
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जंगलों में आग की घटनाओं पर वन विभाग नजर रखे हुए हैं। रिहायशी इलाकों के पास से सूखी पत्तियों को भी हटाया जाता है। इसके लिए विभाग के वन रक्षक भी काम करते हैं, जबकि आगजनी की घटनाओं से बचने के लिए स्कूली बच्चों और पंचायतों में लोगों को भी जागरूक किया जाता है। लोगों से भी अपील की जाती है कि वे अपने घरों के पास कोई कचरा इकट्ठा न होने दें।
- डाॅ. संजीव शर्मा, डीएफओ पालमपुर
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बिंद्राबन वार्ड का बड़ा इलाका जंगल के साथ लगता है। इसमें चीड़ के पेड़ों की सूखी पत्तियां पड़ी रहती हैं। समय-समय पर लोग भी घरों के आसपास से पतियों को हटा देते हैं। फिर भी वन विभाग को भी इसे लेकर कदम उठाने चाहिए, ताकि किसी अनहोनी से बचा जाए। - गोपाल नाग, महापौर नगर निगम पालमपुर
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बिंद्राबन वार्ड में जंगल के साथ एक छोटा बाजार है। स्कूल और निजी होटल भी हैं। साथ ही अब एक बड़ी कॉलोनी भी है। जंगल में चीड़ के पेड़ों के काफी मात्रा में सूखी पत्तियां पड़ी रहती हैं, जिसे लेकर वन विभाग को एक जागरूक अभियान भी चलाना चाहिए, ताकि लोग अपने स्तर पर भी इनको हटा सकें। - संजय राठौर, पार्षद बिंद्राबन वार्ड
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जंगलों में आग की घटनाओं पर वन विभाग नजर रखे हुए हैं। रिहायशी इलाकों के पास से सूखी पत्तियों को भी हटाया जाता है। इसके लिए विभाग के वन रक्षक भी काम करते हैं, जबकि आगजनी की घटनाओं से बचने के लिए स्कूली बच्चों और पंचायतों में लोगों को भी जागरूक किया जाता है। लोगों से भी अपील की जाती है कि वे अपने घरों के पास कोई कचरा इकट्ठा न होने दें।
- डाॅ. संजीव शर्मा, डीएफओ पालमपुर

नगर निगम पालमपुर के वार्ड बिंद्राबन के जंगल में पड़ी सूखी चीड़ की पत्तियां। संवाद

नगर निगम पालमपुर के वार्ड बिंद्राबन के जंगल में पड़ी सूखी चीड़ की पत्तियां। संवाद

नगर निगम पालमपुर के वार्ड बिंद्राबन के जंगल में पड़ी सूखी चीड़ की पत्तियां। संवाद