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Kangra News: डॉ. राकेश अध्यक्ष और नैंसी बनीं एबीवीपी की प्रदेश मंत्री
Mon, 03 Nov 2025 05:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 03 Nov 2025 05:56 AM IST
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गुप्तगंगा में अधिवेशन में उपस्थित प्रदेशभर से एबीवीपी के कार्यकर्ता। -स्रोत : आयाेजक
कांगड़ा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश का 46वां प्रांत अधिवेशन रविवार को गुप्तगंगा के यात्री सदन में संपन्न हुआ। अधिवेशन के दौरान वर्ष 2025-26 के लिए नए पदाधिकारियों की घोषणा की गई। इसमें डॉ. राकेश शर्मा को पुनः एबीवीपी हिमाचल प्रदेश का अध्यक्ष चुना गया, जबकि नैंसी अटल को प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।
प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने कहा कि अधिवेशन में हिमाचल प्रदेश के वर्तमान परिदृश्य और शैक्षणिक परिदृश्य को लेकर दो प्रस्ताव पारित किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य में नशे का संकट युवाओं के बीच भयावह रूप में फैल रहा है, जिसमें चिट्टा जैसे सिंथेटिक ड्रग्स ने अनेक परिवारों को तबाह किया है। पुलिस व प्रशासन की कोशिशों के बावजूद स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। ऐसे में राज्य में पुनर्वास केंद्रों की संख्या व प्रभावशीलता बढ़ाने की आवश्यकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नशा निवारण बोर्ड व महत्वपूर्ण पदों पर राजनीतिक नियुक्तियां कर सरकार मित्रों की सरकार बन गई है। वन मित्र, पशु मित्र, बिजली मित्र, लोक मित्र, रोगी मित्र जैसी भर्तियां करके सरकार छात्र विरोधी निर्णय ले रही है। अधिवेशन में कुल 500 कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें 310 छात्र, 167 छात्राएं और 47 प्राध्यापक मौजूद रहे। प्रांत मंत्री ने कहा कि एबीवीपी आने वाले समय में युवाओं में राष्ट्रभाव को और सुदृढ़ करने के लिए कार्य करती रहेगी।
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प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने कहा कि अधिवेशन में हिमाचल प्रदेश के वर्तमान परिदृश्य और शैक्षणिक परिदृश्य को लेकर दो प्रस्ताव पारित किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य में नशे का संकट युवाओं के बीच भयावह रूप में फैल रहा है, जिसमें चिट्टा जैसे सिंथेटिक ड्रग्स ने अनेक परिवारों को तबाह किया है। पुलिस व प्रशासन की कोशिशों के बावजूद स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। ऐसे में राज्य में पुनर्वास केंद्रों की संख्या व प्रभावशीलता बढ़ाने की आवश्यकता है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि नशा निवारण बोर्ड व महत्वपूर्ण पदों पर राजनीतिक नियुक्तियां कर सरकार मित्रों की सरकार बन गई है। वन मित्र, पशु मित्र, बिजली मित्र, लोक मित्र, रोगी मित्र जैसी भर्तियां करके सरकार छात्र विरोधी निर्णय ले रही है। अधिवेशन में कुल 500 कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें 310 छात्र, 167 छात्राएं और 47 प्राध्यापक मौजूद रहे। प्रांत मंत्री ने कहा कि एबीवीपी आने वाले समय में युवाओं में राष्ट्रभाव को और सुदृढ़ करने के लिए कार्य करती रहेगी।

गुप्तगंगा में अधिवेशन में उपस्थित प्रदेशभर से एबीवीपी के कार्यकर्ता। -स्रोत : आयाेजक
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