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ढगवार मिल्क प्लांट : पहले काम फिर होगा शिलान्यास
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मुख्यमंत्री ने रखी प्रथम मंजिल का लैंटल डालने के बाद शिलान्यास करने की शर्त
राज्य सहकारी मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन ने पट्टिका लगाकर की थी शिलान्यास की तैयारी
धर्मशाला के समीप ढगवार में बनेगा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस प्रदेश का सबसे बड़ा मिल्क प्लांट
ऊना, हमीरपुर, चंबा, मंडी और कांगड़ा के पशुपालकों को मिलेंगी मिल्क प्लांट की बेहतर सुविधाएं
प्रवीण प्रकाश कुमार
धर्मशाला। विधानसभा क्षेत्र धर्मशाला के ढगवार में बनने वाले मिल्क प्लांट का बिना शिलान्यास ही काम शुरू हो गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन लिमिटेड ने शिलान्यास पट्टिका लगाने के लिए यहां पर ढांचा खड़ा कर दिया है, लेकिन मुख्यमंत्री ने शिलान्यास से पूर्व निर्माण कार्य शुरू करने और भवन की प्रथम मंजिल खड़ी करने की शर्त लगा दी है। इसके चलते एचपी मिल्कफेड की ओर से प्रथम चरण में 225 करोड़ रुपये का टेंडर अवार्ड कर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है।
अब प्रथम मंजिल का कार्य पूरा होने के बाद ही मुख्यमंत्री के हाथों मिल्क प्लांट का शिलान्यास होगा। पूर्व की सरकारों में शिलान्यास के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होते रहे हैं, लेकिन कांगड़ा जिला में यह पहला मौका है, जब निर्माण कार्य शुरू होने के बाद शिलान्यास होगा। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड को इस प्लांट के निर्माण का जिम्मा सौंपा है।
राजस्व विभाग ने पशुपालन विभाग के नाम पर 76 कनाल भूमि हस्तांतरित की है। प्लांट तैयार होने के बाद हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन लिमिटेड इस दुग्ध प्रसंस्करण प्लांट का संचालन करेगा। आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण प्लांट में रोजाना 1.50 लाख लीटर दूध को प्रसंस्करण होगा। दूसरी तरफ दूध से बनने वाले उत्पादों की संख्या में भी इजाफा होगा। दही, लस्सी, मक्खन, घी, पनीर, फ्लेवर्ड मिल्क, खोया और मोजेरेला चीज सहित कई तरह के उत्पाद यहां तैयार किए जाएंगे। ढगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के स्तरोन्नत होने से कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने में मदद मिलेगी है। वर्ष 1986 में स्थापित इस प्लांट की वर्तमान में क्षमता 20 हजार लीटर प्रतिदिन की है।
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कोट्स:
ढगवार में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 1.50 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण क्षमता का प्रदेश का सबसे बड़ा मिल्क प्लांट बन रहा है। इसका टेंडर अवार्ड होने के बाद काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रथम मंजिल का काम पूरा होने के बाद ही शिलान्यास पट्टिका लगाई जाए, जिसके चलते शिलान्यास बाद में होगा।
-हेमराज बैरवा, उपायुक्त कांगड़ा
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राज्य सहकारी मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन ने पट्टिका लगाकर की थी शिलान्यास की तैयारी
धर्मशाला के समीप ढगवार में बनेगा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस प्रदेश का सबसे बड़ा मिल्क प्लांट
ऊना, हमीरपुर, चंबा, मंडी और कांगड़ा के पशुपालकों को मिलेंगी मिल्क प्लांट की बेहतर सुविधाएं
प्रवीण प्रकाश कुमार
धर्मशाला। विधानसभा क्षेत्र धर्मशाला के ढगवार में बनने वाले मिल्क प्लांट का बिना शिलान्यास ही काम शुरू हो गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन लिमिटेड ने शिलान्यास पट्टिका लगाने के लिए यहां पर ढांचा खड़ा कर दिया है, लेकिन मुख्यमंत्री ने शिलान्यास से पूर्व निर्माण कार्य शुरू करने और भवन की प्रथम मंजिल खड़ी करने की शर्त लगा दी है। इसके चलते एचपी मिल्कफेड की ओर से प्रथम चरण में 225 करोड़ रुपये का टेंडर अवार्ड कर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है।
अब प्रथम मंजिल का कार्य पूरा होने के बाद ही मुख्यमंत्री के हाथों मिल्क प्लांट का शिलान्यास होगा। पूर्व की सरकारों में शिलान्यास के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होते रहे हैं, लेकिन कांगड़ा जिला में यह पहला मौका है, जब निर्माण कार्य शुरू होने के बाद शिलान्यास होगा। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड को इस प्लांट के निर्माण का जिम्मा सौंपा है।
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राजस्व विभाग ने पशुपालन विभाग के नाम पर 76 कनाल भूमि हस्तांतरित की है। प्लांट तैयार होने के बाद हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन लिमिटेड इस दुग्ध प्रसंस्करण प्लांट का संचालन करेगा। आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण प्लांट में रोजाना 1.50 लाख लीटर दूध को प्रसंस्करण होगा। दूसरी तरफ दूध से बनने वाले उत्पादों की संख्या में भी इजाफा होगा। दही, लस्सी, मक्खन, घी, पनीर, फ्लेवर्ड मिल्क, खोया और मोजेरेला चीज सहित कई तरह के उत्पाद यहां तैयार किए जाएंगे। ढगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के स्तरोन्नत होने से कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने में मदद मिलेगी है। वर्ष 1986 में स्थापित इस प्लांट की वर्तमान में क्षमता 20 हजार लीटर प्रतिदिन की है।
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ढगवार में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 1.50 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण क्षमता का प्रदेश का सबसे बड़ा मिल्क प्लांट बन रहा है। इसका टेंडर अवार्ड होने के बाद काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रथम मंजिल का काम पूरा होने के बाद ही शिलान्यास पट्टिका लगाई जाए, जिसके चलते शिलान्यास बाद में होगा।
-हेमराज बैरवा, उपायुक्त कांगड़ा