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Kangra News: कांगड़ा किले में पहुंचेंगे देशभर के श्रद्धालु, गुलाल की जगह उड़ेंगे फूल
Tue, 11 Mar 2025 12:17 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 11 Mar 2025 12:17 AM IST
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कांगड़ा किला में स्थापित भगवान आदिनाथ की प्राचीन मूर्ति
कांगड़ा। पुराना कांगड़ा स्थित कांगड़ा किले के भीतर श्री 1008 भगवान आदिनाथ जैन मंदिर में होली उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। 12 से 14 मार्च तक होने वाले इस तीन दिवसीय उत्सव में देशभर से जैन समुदाय के लोग हिस्सा लेंगे। खास बात यह है कि इस दौरान श्रद्धालुओं की ओर से मंदिर में पूजा-अर्चना की जाएगी और रंगों की जगह फूलों से होली खेली जाएगी।
आदिनाथ जैन सभा के प्रबंधक कमलजीत ने बताया कि हर्ष और उल्लास के इस आयोजन में कांगड़ा, मुंबई, गुजरात, होशियारपुर, लुधियाना, जालंधर और शिमला सहित अन्य स्थानों से जैन समुदाय के लोग पहुंचेगे। इस दौरान विशेष लंगर की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अलावा, बाहरी राज्यों से आए भक्तों के लिए जैन मंदिर सराय में रहने की व्यवस्था की जाती है। उत्सव के पहले दिन 12 मार्च को कार्यक्रम का शुभारंभ होगा और 13 मार्च को ध्वज चढ़ाने का विशेष धार्मिक अनुष्ठान किया जाएगा। मंदिर में प्रवेश इस उत्सव के दौरान निशुल्क रहेगा, जिससे अधिक से अधिक श्रद्धालु इस अद्भुत धार्मिक आयोजन का हिस्सा बन सकें। आत्मानंद जैन सभा के सहयोग से आयोजित इस उत्सव में जैन समुदाय के लोग रंगों की बजाय फूलों से होली मनाते हैं, जो इस उत्सव को अन्य होली आयोजनों से अलग बनाता है। मंदिर में हजारों वर्ष पुरानी श्री आदिनाथ भगवान की मूर्ति है। भगवान श्री आदिनाथ महाराज की इस स्थली को जैन समुदाय ने तीर्थ रूप में बनाया है।
12 से 14 मार्च तक कांगड़ा किला में स्थित भगवान आदिनाथ की मूर्ति की जैन समुदाय के लोग पूजा-अर्चना करते हैं। और लोग देशभर से कई राज्यों के लोग यहां पर पहुंचते हैं। इस दौरान किले में प्रवेश मुफ्त रहेगा। भक्त यहां पर फूलों से होली खेलते हैं।
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-प्रशांत डोगरा, संरक्षण सहायक, भारतीय पुरातत्व विभाग
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आदिनाथ जैन सभा के प्रबंधक कमलजीत ने बताया कि हर्ष और उल्लास के इस आयोजन में कांगड़ा, मुंबई, गुजरात, होशियारपुर, लुधियाना, जालंधर और शिमला सहित अन्य स्थानों से जैन समुदाय के लोग पहुंचेगे। इस दौरान विशेष लंगर की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अलावा, बाहरी राज्यों से आए भक्तों के लिए जैन मंदिर सराय में रहने की व्यवस्था की जाती है। उत्सव के पहले दिन 12 मार्च को कार्यक्रम का शुभारंभ होगा और 13 मार्च को ध्वज चढ़ाने का विशेष धार्मिक अनुष्ठान किया जाएगा। मंदिर में प्रवेश इस उत्सव के दौरान निशुल्क रहेगा, जिससे अधिक से अधिक श्रद्धालु इस अद्भुत धार्मिक आयोजन का हिस्सा बन सकें। आत्मानंद जैन सभा के सहयोग से आयोजित इस उत्सव में जैन समुदाय के लोग रंगों की बजाय फूलों से होली मनाते हैं, जो इस उत्सव को अन्य होली आयोजनों से अलग बनाता है। मंदिर में हजारों वर्ष पुरानी श्री आदिनाथ भगवान की मूर्ति है। भगवान श्री आदिनाथ महाराज की इस स्थली को जैन समुदाय ने तीर्थ रूप में बनाया है।
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12 से 14 मार्च तक कांगड़ा किला में स्थित भगवान आदिनाथ की मूर्ति की जैन समुदाय के लोग पूजा-अर्चना करते हैं। और लोग देशभर से कई राज्यों के लोग यहां पर पहुंचते हैं। इस दौरान किले में प्रवेश मुफ्त रहेगा। भक्त यहां पर फूलों से होली खेलते हैं।
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-प्रशांत डोगरा, संरक्षण सहायक, भारतीय पुरातत्व विभाग