फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Devastation in Nepal raises concerns among 20,000 Gorkhas in Dharamshala.

Kangra News: नेपाल में तबाही से धर्मशाला के 20 हजार गोरखा लोगों की बढ़ी चिंता

Sun, 30 Aug 2026 01:53 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Sun, 30 Aug 2026 01:53 AM IST
विज्ञापन
Devastation in Nepal raises concerns among 20,000 Gorkhas in Dharamshala.
सिद्धपुर (धर्मशाला)। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और उससे मची तबाही की गूंज हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला की वादियों में भी महसूस की जा रही है। नेपाल के रसुवा और अन्य जिलों से आ रही तस्वीरों ने धर्मशाला क्षेत्र में लगभग 20,000 से अधिक गोरखाली समुदाय के लोगों को चिंता में डाल दिया है। 
विज्ञापन

धर्मशाला के श्यामनगर, दाड़ी, तोतारानी, खनियारा और चीलगाड़ी सहित करीब 17 गांवों में बसे गोरखा परिवारों की नींद उड़ा दी है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में मोबाइल टावर गिरने और बिजली व्यवस्था ठप होने के कारण अपनों से संपर्क करना मुश्किल हो गया है। सैकड़ों परिवार दिन-रात टीवी और मोबाइल स्क्रीन पर नजरें गड़ाए हुए हैं। स्थानीय स्तर पर समुदाय के लोग राहत राशि जुटाने के लिए भी चर्चा कर रहे हैं।
विज्ञापन

चीलगाड़ी की पूर्व पार्षद सावित्रा गुरुंग ने बताया कि नेपाल के चितवन (भंडारा जिले) में रहने वाली उनकी बहन सीता देवी से काफी मशक्कत के बाद संपर्क हो सका। परिवार सुरक्षित है, लेकिन नारंगघाट बाजार, जहां वे खरीदारी के लिए जाते थे, पूरी तरह तबाह हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने भारत सरकार द्वारा पहुंचाई जा रही त्वरित सहायता के लिए आभार व्यक्त किया है। इसी तरह सिद्धबाड़ी की रेखा छेत्री और योल की अंजना ने ललितपुर में रह रहे अपने रिश्तेदारों ओम बहादुर और जेबी गुरुंग की कुशलता की खबर मिलने के बाद राहत की सांस ली है।
त्रासदी का एक पहलू यह भी है कि धर्मशाला के होटल और पर्यटन व्यवसाय में कार्यरत कई नेपाली प्रवासी अपनी नौकरियां छोड़कर तुरंत घर लौटने की तैयारी में हैं। कई परिवारों के घर बाढ़ में बह गए हैं, लेकिन परिवहन व्यवस्था ठप होने के कारण वे चाहकर भी अपने गांव नहीं पहुंच पा रहे हैं।

धर्मकोट में रेस्टोरेंट चलाने वाले मनजीत गुरुंग ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि धादिड़ जिले में स्थित उनके घर तक जाने वाले सभी रास्ते बंद हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल में स्थिति अत्यंत गंभीर है और वहां राशन की आपूर्ति भी पूरी तरह ठप हो चुकी है। अपनों की सुरक्षा को लेकर यहां रह रहे प्रवासी तनाव में हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed