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Kangra News: ई-गवर्नेंस के हिमाचल मॉडल पर मंथन, सुधारों पर दीं प्रस्तुतियां

Sat, 17 Oct 2026 11:54 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2026 11:54 AM IST
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Deliberations on the Himachal model of e-governance; presentations made on reforms
धर्मशाला में नेशनल ई गर्वनेंस कॉफ्रेंस में उप​स्थित वि​भिन्न राज्यों के प्रति​नि​धि। अमर उजाला
धर्मशाला। ई-गवर्नेंस पर पर्यटन नगरी में आरंभ हुए राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दिन हिमाचल में लागू ई-गवर्नेंस मॉडल चर्चा के केंद्र में रहा। पहले सत्र में ई-गवर्नेंस को प्रभावी बनाने की दिशा में अब तक हुए सुधारों पर प्रस्तुतियां दी गईं। सूबे के विभिन्न विभागों में लागू ई-गवर्नेंस की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर मंथन हुआ। तकनीक के जरिये जन सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों पर लंबी चर्चा चली।
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सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किया। सचिव प्रशासनिक सुधार ए शायनामोल ने हिमाचल की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर आयोजित सत्र को संबोधित किया। स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने सूबे में लागू हिम परिवार योजना में आम परिवारों को घर बैठे मिल रही सरकारी सुविधाओं के लाभ गिनाए।
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इस योजना में 300 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन होने से लोगों को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्करों से निजात मिली है। अप्रैल 2026 तक इस योजना के पोर्टल में करीब 19.25 लाख से अधिक परिवार और 75.92 लाख से अधिक सदस्य पंजीकृत हुए हैं।
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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव सीपी वर्मा ने सुखाश्रय योजना, उच्च शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने विद्या समीक्षा केंद्र और आईएफएस सुशील कुमार ने ग्रीन हिमाचल योजना पर प्रस्तुति दी। आईएफएस आलोक नागर ने राजीव गांधी वन संवर्धन योजना से सूबे का हरित आवरण बढ़ाने में मिली कामयाबी के बिंदु साझा किए।

राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे सत्र की अध्यक्षता स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने की। इस सत्र में प्रदेश की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में अब तक हुए कार्यों पर विचार-विमर्श हुआ। प्रदेश को ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में बेहतर काम के लिए मिले पुरस्कारों का भी जिक्र हुआ।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव डॉ. प्रमोद कुमार ने एग्रीस्टैक योजना के फायदे गिनाए। उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त सचिव अनुपम मिश्रा ने उपभोक्ता न्याय प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए चलाई गई ई-जागृति योजना के मिले सकारात्मक परिणाम प्रतिभागियों के समक्ष रखे।




इन डिजिटल पहलों पर भी हुई चर्चा

सम्मेलन में सिविल सेवा के अफसरों और सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए विकसित केंद्र सरकार के डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म ''''आईगॉट कर्मयोगी'''' से उनकी कार्यक्षमता में आए बदलाव के बारे में भी बताया गया। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवाओं, मल्टी-हैजर्ड अर्ली वॉर्निंग सपोर्ट सिस्टम सहित ई गवर्नेंस से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी अपने विचार साझा किए।
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