{"_id":"33ebc31d11717981be74b67610104bd8","slug":"dayariya-medicin-ready-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों की डायरिया से मौतों को रोकने के लिए दवा तैयार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों की डायरिया से मौतों को रोकने के लिए दवा तैयार
ब्यूरो/अमर उजाला, कांगड़ा
Updated Wed, 04 Nov 2015 05:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। छोटे बच्चों की डायरिया से हो रही मौतों को रोकने के लिए डब्ल्यूएचओ (वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन) ने रोग के लक्षणों और इसके उपचार की दवा तैयार कर ली है। फिलहाल इस दवा का इस्तेमाल देश के तीन जिलों में दिसंबर महीने से शुरू कर दिया जाएगा।
डब्ल्यूएचओ ने बच्चों में डायरिया का कारण रोटा वायरस पाया है और इसके इलाज के लिए पोलियो ड्राप्स की तर्ज पर रोटा वैक्सीन ओरल दवा तैयार की है। बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के नगरोटा सूरियां के शगुन पैलेस में हुए एक दिवसीय ट्रेनिंग कैंप में धर्मशाला के डाक्टर राजेश गुलेरी और टांडा मेडिकल कॉलेज के डाक्टर गौतम ने बताया कि वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने शोध में पाया कि बच्चों में डायरिया ज्यादातर रोटा वायरस के कारण फैलता है और इसके उपचार के लिए रोटा वैक्सीन तैयार की गई है।
इसे फिलहाल हिमाचल के जिला कांगड़ा और महाराष्ट्र के जिला पूना और बलौर में पोलियो ड्राप्स की तर्ज पर शुरू किया जाएगा। बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को रोटा वायरस के फैलने, इसके लक्षणों और इसकी रोकथाम के बारे में विस्तार से ट्रेनिंग दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि रोटा वैक्सीन के ड्राप किस तरह बच्चों को पिलाए जाएंगे। ट्रेनिंग के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरोटा सूरियां के खंड चिकित्सा अधिकारी डा. मोहन चौधरी और बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक संघ के प्रेस सचिव सुभाष चंद उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
डब्ल्यूएचओ ने बच्चों में डायरिया का कारण रोटा वायरस पाया है और इसके इलाज के लिए पोलियो ड्राप्स की तर्ज पर रोटा वैक्सीन ओरल दवा तैयार की है। बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के नगरोटा सूरियां के शगुन पैलेस में हुए एक दिवसीय ट्रेनिंग कैंप में धर्मशाला के डाक्टर राजेश गुलेरी और टांडा मेडिकल कॉलेज के डाक्टर गौतम ने बताया कि वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने शोध में पाया कि बच्चों में डायरिया ज्यादातर रोटा वायरस के कारण फैलता है और इसके उपचार के लिए रोटा वैक्सीन तैयार की गई है।
विज्ञापन
इसे फिलहाल हिमाचल के जिला कांगड़ा और महाराष्ट्र के जिला पूना और बलौर में पोलियो ड्राप्स की तर्ज पर शुरू किया जाएगा। बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को रोटा वायरस के फैलने, इसके लक्षणों और इसकी रोकथाम के बारे में विस्तार से ट्रेनिंग दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि रोटा वैक्सीन के ड्राप किस तरह बच्चों को पिलाए जाएंगे। ट्रेनिंग के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरोटा सूरियां के खंड चिकित्सा अधिकारी डा. मोहन चौधरी और बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक संघ के प्रेस सचिव सुभाष चंद उपस्थित रहे।
विज्ञापन