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बारिश और ओलावृष्टि तबाह की खीरे व सब्जियों की फसल
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धर्मशाला में सोमवार को शाम के समय तेज बारिश के साथ होती ओलावृष्टि के बीच छाता लिए गंतव्य को जाते ह?
- फोटो : Kangra
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धर्मशाला/बैजनाथ (कांगड़ा)। जिला कांगड़ा में सोमवार को निचले क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि से लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन तेज बारिश और ओलावृष्टि ने सब्जियों और खीरे की फसल को तबाह कर दिया।
सोमवार सुबह से ही मौसम साफ था। दोपहर बाद पालमपुर, बैजनाथ, पपरोला, धर्मशाला, खैरा, पंचरुखी और सलियाना में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। हालांकि यह ओलावृष्टि और भारी बारिश जहां आने वाली फसलों की बुवाई के लिए अच्छी साबित होगी, वहीं तेज ओलावृष्टि के कारण सब्जी ब खीरे की फसल को नुकसान पहुंचा है। पपरोला के बूहली कोठी में सब्जी उत्पादकों को काफी नुकसान हुआ है। किसान जगदीश कुमार, रमेश चंद, चंदन, मस्त राम, हरनाम चंद आदि ने बताया कि खीरे की फसल ओलावृष्टि से पूरी तरह से बर्बाद हो गई है।
उन्होंने बताया कि रोजाना यहां से बड़ी मात्रा में देसी खीरा बाजारों के लिए भेजा जाता है। ओलावृष्टि के चलते बहुत नुकसान हुआ है, उससे अब बाजार में देसी खीरा देरी से आएगा। उधर, कृषि विशेषज्ञ वनीता सूद ने बताया कि बारिश से जमीन का सूखापन समाप्त हो गया है। आगामी फसलों की बुवाई के लिए यह किसानों के लिए लाभदायक सिद्ध होगा।
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सोमवार सुबह से ही मौसम साफ था। दोपहर बाद पालमपुर, बैजनाथ, पपरोला, धर्मशाला, खैरा, पंचरुखी और सलियाना में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। हालांकि यह ओलावृष्टि और भारी बारिश जहां आने वाली फसलों की बुवाई के लिए अच्छी साबित होगी, वहीं तेज ओलावृष्टि के कारण सब्जी ब खीरे की फसल को नुकसान पहुंचा है। पपरोला के बूहली कोठी में सब्जी उत्पादकों को काफी नुकसान हुआ है। किसान जगदीश कुमार, रमेश चंद, चंदन, मस्त राम, हरनाम चंद आदि ने बताया कि खीरे की फसल ओलावृष्टि से पूरी तरह से बर्बाद हो गई है।
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उन्होंने बताया कि रोजाना यहां से बड़ी मात्रा में देसी खीरा बाजारों के लिए भेजा जाता है। ओलावृष्टि के चलते बहुत नुकसान हुआ है, उससे अब बाजार में देसी खीरा देरी से आएगा। उधर, कृषि विशेषज्ञ वनीता सूद ने बताया कि बारिश से जमीन का सूखापन समाप्त हो गया है। आगामी फसलों की बुवाई के लिए यह किसानों के लिए लाभदायक सिद्ध होगा।
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