फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   दोष सिद्घ होने पर पांच लोगों को उम्र कैद

दोष सिद्घ होने पर पांच लोगों को उम्र कैद

Wed, 04 Jul 2018 11:44 PM IST
Updated Wed, 04 Jul 2018 11:44 PM IST
विज्ञापन
दोष सिद्घ होने पर पांच लोगों को उम्र कैद
हत्या का दोष सिद्ध होने पर पांच को उम्र कैद
विज्ञापन

दोषियों को 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजीव बाली की अदालत ने सुनाया फैसला
पंजाब के रहने वाले हैं सभी लोग, 2014 में दर्ज हुआ था मामला
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। साजिश रच कर हत्या करने का आरोप सिद्ध होने पर अदालत ने पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषियों को 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। वहीं, जुर्माना अदा न करने की सूरत में उन्हें छह माह का अतिरिक्त कारावास झेलना होगा। यह सजा बुधवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश- एक राजीव बाली की अदालत ने सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी उपजिला न्यायवादी भुवनेश मिन्हास और संदीप अग्निहोत्री ने की। उपजिला न्यायवादी भुवनेश मिन्हास ने बताया कि अदालत ने हत्या कर सबूत मिटाने का दोष सिद्ध होने पर इन दोषियों को तीन-तीन साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा भी सुनाई है। अदालत ने राजेंद्र सिंह उर्फ भूरा गांव रोली जिला मोगा (पंजाब) की हत्या और सबूत मिटाने के जुर्म में यह सजा सुनाई है। इस साजिशन हत्या और हत्या के सुबूत मिटाने के मामले में अदालत ने हरजिंद्र सिंह, यशपाल सिंह, कमलजीत सिंह तीनों निवासी गांव रोली जिला मोगा (पंजाब), गुरदीप सिंह गांव समालसर तहसील बंगा पुराना जिला मोगा और सतनाम सिंह गांव खेरोवेट थाना लाडोवाल जिला लुधियाना (पंजाब) को यह सजा सुनाई है। वहीं, अदालत ने इस मामले में संलिप्त बलजिंद्र सिंह को सबूत मिटाने के जुर्म में तीन साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। उप जिला न्यायवादी भुवनेश मिन्हास ने बताया कि यह मामला 17 नवंबर 2014 को पुलिस थाना इंदौरा में सुखविंद्र सिंह निवासी माला खुर्द जिला मोगा (पंजाब) की शिकायत पर दर्ज किया गया था। इसी दिन पुलिस थाना शाहपुर के तहत घटनालू में एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। जब छानबीन की गई तो यह शव राजेंद्र सिंह उर्फ भूरा का निकला था। मिन्हास ने बताया कि सुखविंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि वह अन्य लोगों सहित राजा खासा स्थित एक निजी नशा निवारण केंद्र में अपना उपचार करवा रहे थे। 11 नवंबर 2014 की रात को करीब डेढ़ बजे केंद्र संचालक कमल, यशपाल, सतनाम और गुरदीप सिंह वहां आए और उन्होंने राजेंद्र सिंह उर्फ भूरा के साथ मारपीट की। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मारपीट के दौरान राजेंद्र सिंह उर्फ भूरा की मौत हो गई। वहीं घटनालू में भूरा का शव मिलने और उसकी शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चालान कोर्ट में पेश किया। मामले में कुल 21 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयानों और पुलिस की ओर से उपलब्ध करवाए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोषियों को यह सजा सुनाई है। ये सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed