{"_id":"5a6cbfb84f1c1bd34b8b53c8","slug":"61517076408-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंदौरा में खनन विभाग की बड़ी कार्यवाही","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
इंदौरा में खनन विभाग की बड़ी कार्यवाही
Updated Sat, 27 Jan 2018 11:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
नूरपुर(कांगड़ा)। पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे इंदौरा उपमंडल के सीमांत क्षेत्रों में सरकारी नियमों को ताक पर रख कर अवैध रूप से चल रहे स्टोन क्रशरों पर खनन विभाग का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। अवैध खनन के खिलाफ सभी जिलों में अलग से विशेष टास्क फोर्स के गठन के बाद जिला कांगड़ा के सीमांत इलाकों में एक साथ 16 स्टोन क्रशरों पर विभागीय कार्रवाई से खनन माफिया में हड़कंप मच गया है।
स्थानीय प्रशासन ने पंजाब से सटे इंदौरा उपमंडल के सीमांत इलाकों टिप्परी, डमटाल, बाडी खड्ड, मोहटली, खानपुर, ढांगू माजरा और तमोटा में अवैध रूप से चल रहे 16 स्टोन क्रशरों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इनकी बिजली सप्लाई काट दी है। यह कार्रवाई खनन विभाग के जारी आदेशों के बाद अमल में लाई गई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो नूरपुर और इंदौरा में महज 3-4 स्टोन क्रशर ही ऐसे हैं, जो प्रदेश सरकार के तय मानकों के अनुसार चल रहे हैं। वहीं, नूरपुर के एसडीएम आबिद हुसैन सादिक ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जब खनन विभाग ने इंदौरा उपमंडल में चल रहे स्टोन क्रशरों की जांच की गई तो यह पाया कि ये 16 स्टोन क्रशर नियमों को धता बताकर अवैध रूप से चल रहे हैं। इन स्टोन क्रशरों में से कुछेक के पास पर्यावरण प्रमाण पत्र नहीं था, तो कुछ के पास पंजीकृत लीज के दस्तावेज नदारद पाए गए। नियमों के विपरीत अवैध रूप से चलाए जा रहे स्टोन क्रशरों की बिजली की सप्लाई काट दी है। उधर, नूरपुर स्थित खनन अधिकारी नीरज कांत ने बताया कि इंदौरा तहसील के टिप्परी क्षेत्र में तीन, डमटाल में पांच, तमोटा में 3, मोहटली में 2 और बाड़ी खड्ड, खानपुर सहित ढांगू माजरा में एक-एक स्टोन क्रशर की बिजली सप्लाई काटी गई है।
इनसेट....
इंदौरा में सबसे ज्यादा 42 स्टोन क्रशर
विभागीय आंकडों के अनुसार जिला कांगड़ा के नूरपुर उपमंडल में कुल 9, इंदौरा उपमंडल में सबसे ज्यादा 42, फतेहपुर में 5 और जवाली उपमंडल में 9 स्टोन क्रैशर स्थापित किए गए हैं। इनमें से सिर्फ नूरपुर उपमंडल के तहत पड़ते कंडवाल क्षेत्र में ही वर्तमान में 3 स्टोन क्रैशर चल रहे हैं। इनमें से दो स्टोन क्रैशर मालिकों को खनन विभाग ने नोटिस जारी कर रखा है। लेकिन, इनमें से किसी का भी विभाग को अभी तक जबाव नहीं मिला है, जबकि इंदौरा उपमंडल के तहत कुल 42 में से अवैध रूप से चल रहे 16 स्टोन क्रैशरों का बिजली कनेक्शन काट दिया गया। शेष सभी स्टोन क्रैशर इकाईयां बंद पड़ी है।
विज्ञापन
---
विज्ञापन
नूरपुर(कांगड़ा)। पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे इंदौरा उपमंडल के सीमांत क्षेत्रों में सरकारी नियमों को ताक पर रख कर अवैध रूप से चल रहे स्टोन क्रशरों पर खनन विभाग का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। अवैध खनन के खिलाफ सभी जिलों में अलग से विशेष टास्क फोर्स के गठन के बाद जिला कांगड़ा के सीमांत इलाकों में एक साथ 16 स्टोन क्रशरों पर विभागीय कार्रवाई से खनन माफिया में हड़कंप मच गया है।
स्थानीय प्रशासन ने पंजाब से सटे इंदौरा उपमंडल के सीमांत इलाकों टिप्परी, डमटाल, बाडी खड्ड, मोहटली, खानपुर, ढांगू माजरा और तमोटा में अवैध रूप से चल रहे 16 स्टोन क्रशरों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इनकी बिजली सप्लाई काट दी है। यह कार्रवाई खनन विभाग के जारी आदेशों के बाद अमल में लाई गई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो नूरपुर और इंदौरा में महज 3-4 स्टोन क्रशर ही ऐसे हैं, जो प्रदेश सरकार के तय मानकों के अनुसार चल रहे हैं। वहीं, नूरपुर के एसडीएम आबिद हुसैन सादिक ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जब खनन विभाग ने इंदौरा उपमंडल में चल रहे स्टोन क्रशरों की जांच की गई तो यह पाया कि ये 16 स्टोन क्रशर नियमों को धता बताकर अवैध रूप से चल रहे हैं। इन स्टोन क्रशरों में से कुछेक के पास पर्यावरण प्रमाण पत्र नहीं था, तो कुछ के पास पंजीकृत लीज के दस्तावेज नदारद पाए गए। नियमों के विपरीत अवैध रूप से चलाए जा रहे स्टोन क्रशरों की बिजली की सप्लाई काट दी है। उधर, नूरपुर स्थित खनन अधिकारी नीरज कांत ने बताया कि इंदौरा तहसील के टिप्परी क्षेत्र में तीन, डमटाल में पांच, तमोटा में 3, मोहटली में 2 और बाड़ी खड्ड, खानपुर सहित ढांगू माजरा में एक-एक स्टोन क्रशर की बिजली सप्लाई काटी गई है।
विज्ञापन
इनसेट....
इंदौरा में सबसे ज्यादा 42 स्टोन क्रशर
विभागीय आंकडों के अनुसार जिला कांगड़ा के नूरपुर उपमंडल में कुल 9, इंदौरा उपमंडल में सबसे ज्यादा 42, फतेहपुर में 5 और जवाली उपमंडल में 9 स्टोन क्रैशर स्थापित किए गए हैं। इनमें से सिर्फ नूरपुर उपमंडल के तहत पड़ते कंडवाल क्षेत्र में ही वर्तमान में 3 स्टोन क्रैशर चल रहे हैं। इनमें से दो स्टोन क्रैशर मालिकों को खनन विभाग ने नोटिस जारी कर रखा है। लेकिन, इनमें से किसी का भी विभाग को अभी तक जबाव नहीं मिला है, जबकि इंदौरा उपमंडल के तहत कुल 42 में से अवैध रूप से चल रहे 16 स्टोन क्रैशरों का बिजली कनेक्शन काट दिया गया। शेष सभी स्टोन क्रैशर इकाईयां बंद पड़ी है।
विज्ञापन
---