{"_id":"5a5e3f8f4f1c1b84268b4c88","slug":"31516126095-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाप इंजन नहीं हुआ सफल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
भाप इंजन नहीं हुआ सफल
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बैजनाथ (कांगड़ा)। पपरोला रेलवे स्टेशन पर पिछले सप्ताह से खड़े भाप इंजन का ट्रायल सफल होने से चूक गया है। 70 के दशक में पटरी पर दौड़ने वाले भाप इंजन को पर्यटन की दृष्टि से पटरी पर दौड़ाने के लिए पिछले सप्ताह पठानकोट से डीजल इंजन की सहायता से लाया गया था।
मंगलवार को इंजन को ट्रायल के लिए दौड़ाया गया, लेकिन यह मात्र चार किलोमीटर का सफर ही तय कर सका है। बोर्ड भाप इंजन को बाहरी प्रदेशों से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से बैजनाथ से पालमपुर के बीच दौड़ाने को प्रयासरत है। इसी के चलते मंगलवार सुवह भाग इंजन को पपरोला से पालमपुर के लिए दो डिब्बों के साथ रवाना किया गया, लेकिन चार किलोमीटर का सफर तय करने के बाद भाप इंजन तकनीकी खराबी के कारण आगे नहीं बढ़ सका। बताया जा रहा है कि इंजन के वुश का स्प्रिंग क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण यह आगे का सफर तय नहीं कर सका है। इंजन को पहले पपरोला रेलवे स्टेशन पर बिना डिब्बों के पटरी पर दौड़ाया गया और यह सफल रहा। रेलवे स्टेशन पर इंजन को निहारने के लिए भारी संख्या में दर्शक उपस्थित हो गए। वर्तमान में रेवाड़ी में इस प्रकार के इंजनों का प्रचलन है और अब रेलवे विभाग कालका या अमृतसर में इस प्रकार के स्प्रिंग की तलाश कर फिर इसका ट्रायल करेगा। ट्रायल के सफल रहने पर जिला के पर्यटन के साथ बोर्ड को भी इसके सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। बोर्ड के चीफ लोको इंस्पेक्टर नाजिर हुसैन ने बताया कि जल्द ही ट्रायल किया जाएगा और इसके सफल रहने की पुरी उम्मीद है।
विज्ञापन
बैजनाथ (कांगड़ा)। पपरोला रेलवे स्टेशन पर पिछले सप्ताह से खड़े भाप इंजन का ट्रायल सफल होने से चूक गया है। 70 के दशक में पटरी पर दौड़ने वाले भाप इंजन को पर्यटन की दृष्टि से पटरी पर दौड़ाने के लिए पिछले सप्ताह पठानकोट से डीजल इंजन की सहायता से लाया गया था।
मंगलवार को इंजन को ट्रायल के लिए दौड़ाया गया, लेकिन यह मात्र चार किलोमीटर का सफर ही तय कर सका है। बोर्ड भाप इंजन को बाहरी प्रदेशों से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से बैजनाथ से पालमपुर के बीच दौड़ाने को प्रयासरत है। इसी के चलते मंगलवार सुवह भाग इंजन को पपरोला से पालमपुर के लिए दो डिब्बों के साथ रवाना किया गया, लेकिन चार किलोमीटर का सफर तय करने के बाद भाप इंजन तकनीकी खराबी के कारण आगे नहीं बढ़ सका। बताया जा रहा है कि इंजन के वुश का स्प्रिंग क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण यह आगे का सफर तय नहीं कर सका है। इंजन को पहले पपरोला रेलवे स्टेशन पर बिना डिब्बों के पटरी पर दौड़ाया गया और यह सफल रहा। रेलवे स्टेशन पर इंजन को निहारने के लिए भारी संख्या में दर्शक उपस्थित हो गए। वर्तमान में रेवाड़ी में इस प्रकार के इंजनों का प्रचलन है और अब रेलवे विभाग कालका या अमृतसर में इस प्रकार के स्प्रिंग की तलाश कर फिर इसका ट्रायल करेगा। ट्रायल के सफल रहने पर जिला के पर्यटन के साथ बोर्ड को भी इसके सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। बोर्ड के चीफ लोको इंस्पेक्टर नाजिर हुसैन ने बताया कि जल्द ही ट्रायल किया जाएगा और इसके सफल रहने की पुरी उम्मीद है।
विज्ञापन