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देहर खड्ड से सुरक्षित निकाले 3 लोग
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:35 PM IST
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ेजवाली (कांगड़ा)। उपमंडल जवाली की देहर खड्ड को पार करते समय तीन व्यक्ति नंदी बैल के साथ पानी का बहाव बढ़ने से बीच में फंस गए। बाद में उन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस बल ने कड़ी मशक्कत के बाद पानी से सुरक्षित बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार रविवार को देर सायं तीन लोग मिथुन शर्मा (22) पुत्र सुच्चा निवासी प्रताप नगर (ऊना), महेंद्र पाल (53) पुत्र हंस राज निवासी इंदौरा (ऊना) और गुलजारी लाल (69) पुत्र जसवीर सिंह निवासी खैरा (मोहाली) अंब से नंदी बैल को लेकर निकले थे और रविवार को हरसर में पहुंचकर सीधा दरिया के रास्ते से सिद्धाथा में पहुंचने की कोशिश की। जैसे ही दरिया को पार करने लगे तो पानी का बहाव एकदम से बढ़ गया और तीनों ही लोग नंदी बैल के साथ पानी के बहाव में फंस गए। तीनों लोग नंदी बैल के साथ एक टापू पर खड़े हो गए लेकिन थोड़ी ही देर में पानी टापू के ऊपर से भी क्रास करना शुरू हो गया। स्थानीय लोगों के शोर ने उनके हौसले को बुलंद रखा और पंचायत प्रधान सुलक्षणा देवी को बताया। पंचायत प्रधान सुलक्षणा देवी व उपप्रधान इंद्रजीत मौका पर पहुंच गए तथा पुलिस को सूचित किया। पुलिस भी मौका पर पहुंची, लेकिन पानी का बहाव अधिक होने के कारण कोई भी अपनी जान को जोखिम में डालने के लिए तैयार नहीं था। इतनी ही देर में तहसीलदार जवाली मनीश चौधरी भी मौके पर पहुंच गए। करीब चार घंटे के उपरांत पानी का बहाव कम होने पर पुलिस बल सहित लोगों ने तीनों का बैल के साथ सुरक्षित बाहर निकाला। तहसीलदार जवाली मनीश चौधरी और डीएसपी जवाली वीर बहादुर ने जनता से आग्रह किया कि बरसात के मौसम में न तो स्वयं दरिया के किनारे जाएं और न ही अपने बच्चों को दरिया के किनारे जाने दें। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम होने के कारण कहीं पर भी बारिश होने के कारण दरिया में एकदम से पानी का बहाव बढ़ जाता है और उसके बहाव में फंसने से कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है।
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जानकारी के अनुसार रविवार को देर सायं तीन लोग मिथुन शर्मा (22) पुत्र सुच्चा निवासी प्रताप नगर (ऊना), महेंद्र पाल (53) पुत्र हंस राज निवासी इंदौरा (ऊना) और गुलजारी लाल (69) पुत्र जसवीर सिंह निवासी खैरा (मोहाली) अंब से नंदी बैल को लेकर निकले थे और रविवार को हरसर में पहुंचकर सीधा दरिया के रास्ते से सिद्धाथा में पहुंचने की कोशिश की। जैसे ही दरिया को पार करने लगे तो पानी का बहाव एकदम से बढ़ गया और तीनों ही लोग नंदी बैल के साथ पानी के बहाव में फंस गए। तीनों लोग नंदी बैल के साथ एक टापू पर खड़े हो गए लेकिन थोड़ी ही देर में पानी टापू के ऊपर से भी क्रास करना शुरू हो गया। स्थानीय लोगों के शोर ने उनके हौसले को बुलंद रखा और पंचायत प्रधान सुलक्षणा देवी को बताया। पंचायत प्रधान सुलक्षणा देवी व उपप्रधान इंद्रजीत मौका पर पहुंच गए तथा पुलिस को सूचित किया। पुलिस भी मौका पर पहुंची, लेकिन पानी का बहाव अधिक होने के कारण कोई भी अपनी जान को जोखिम में डालने के लिए तैयार नहीं था। इतनी ही देर में तहसीलदार जवाली मनीश चौधरी भी मौके पर पहुंच गए। करीब चार घंटे के उपरांत पानी का बहाव कम होने पर पुलिस बल सहित लोगों ने तीनों का बैल के साथ सुरक्षित बाहर निकाला। तहसीलदार जवाली मनीश चौधरी और डीएसपी जवाली वीर बहादुर ने जनता से आग्रह किया कि बरसात के मौसम में न तो स्वयं दरिया के किनारे जाएं और न ही अपने बच्चों को दरिया के किनारे जाने दें। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम होने के कारण कहीं पर भी बारिश होने के कारण दरिया में एकदम से पानी का बहाव बढ़ जाता है और उसके बहाव में फंसने से कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है।
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