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जहर खाने से हुई थी एमबीए छात्राओं की मौत
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जहर खाने से हुई थी एमबीए छात्राओं की मौत
टांडा अस्पताल से आई मेडिकल रिपोर्ट में हुआ खुलासा
एक साल से लटकी संदिग्ध मौत के राज से उठा पर्दा
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। अप्रैल 2018 में नगर निगम धर्मशाला के सकोह वार्ड में एमबीए छात्राओं की हुई मौत के राज से पर्दा उठ गया है। इन छात्राओं की मौत किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई थी। इसका खुलासा टांडा मेडिकल कॉलेज से आई छात्राओं की अंतिम मेडिकल रिपोर्ट में हुआ है। हालांकि इस दौरान मेडिकल रिपोर्ट से यह साबित नहीं हो सका है कि छात्राओं ने किस तरह के जहरीले पदार्थ का सेवन किया था, लेकिन यह साबित हुआ है कि दोनों ही छात्राओं की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है।
गौरतलब है कि अप्रैल, 2018 में नगर निगम धर्मशाला के सकोह वार्ड में एमबीए की दो छात्राओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। दोनों छात्राएं हमीरपुर जिले के बड़सर उपमंडल की रहने वाली थीं और धर्मशाला कॉलेज में एमबीए के चौथे सेमेस्टर की छात्राएं थीं। दोनों सकोह में एक साथ किराये के मकान में रहती थीं। रात को अचानक दोनों को उलटियां शुरू हुईं थी, जिसके चलते उन्हें धर्मशाला अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान वंदना को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां सुबह उसने दम तोड़ दिया। वहीं इससे पहले दीक्षा की धर्मशाला अस्पताल में मौत हो गई।
अप्रैल 2018 में हुई एमबीए छात्राओं की मौत किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है। दोनों छात्राओं की मेडिकल रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है, लेकिन यह पता नहीं चला है कि यह जहर किस प्रकार का था।
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-सुनील राणा, एसएचओ, धर्मशाला।
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टांडा अस्पताल से आई मेडिकल रिपोर्ट में हुआ खुलासा
एक साल से लटकी संदिग्ध मौत के राज से उठा पर्दा
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। अप्रैल 2018 में नगर निगम धर्मशाला के सकोह वार्ड में एमबीए छात्राओं की हुई मौत के राज से पर्दा उठ गया है। इन छात्राओं की मौत किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई थी। इसका खुलासा टांडा मेडिकल कॉलेज से आई छात्राओं की अंतिम मेडिकल रिपोर्ट में हुआ है। हालांकि इस दौरान मेडिकल रिपोर्ट से यह साबित नहीं हो सका है कि छात्राओं ने किस तरह के जहरीले पदार्थ का सेवन किया था, लेकिन यह साबित हुआ है कि दोनों ही छात्राओं की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है।
गौरतलब है कि अप्रैल, 2018 में नगर निगम धर्मशाला के सकोह वार्ड में एमबीए की दो छात्राओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। दोनों छात्राएं हमीरपुर जिले के बड़सर उपमंडल की रहने वाली थीं और धर्मशाला कॉलेज में एमबीए के चौथे सेमेस्टर की छात्राएं थीं। दोनों सकोह में एक साथ किराये के मकान में रहती थीं। रात को अचानक दोनों को उलटियां शुरू हुईं थी, जिसके चलते उन्हें धर्मशाला अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान वंदना को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां सुबह उसने दम तोड़ दिया। वहीं इससे पहले दीक्षा की धर्मशाला अस्पताल में मौत हो गई।
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अप्रैल 2018 में हुई एमबीए छात्राओं की मौत किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है। दोनों छात्राओं की मेडिकल रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है, लेकिन यह पता नहीं चला है कि यह जहर किस प्रकार का था।
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-सुनील राणा, एसएचओ, धर्मशाला।