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नाबालिग से दुष्कर्म के दो दोषियों को कैद व जुर्माना
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नाबालिग से दुष्कर्म के दो
दोषियों को कैद, जुर्माना
मुख्य आरोपी को 10 साल और मदद करने पर अन्य युवक को सात की सजा सुनाई
दोनों दोषियों को 80 हजार रुपये जुर्माना भरने के भी दिए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। पालमपुर उपमंडल के तहत आते एक गांव की दसवीं की नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के आरोपी को दोष सिद्ध होने पर 10 साल की कैद और 60 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई। इसके अलावा दुष्कर्म के दोषी की सहायता करने पर एक अन्य युवक को भी न्यायालय ने दोषी पाए जाने पर सात वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों की संपत्ति को बेचकर जुुर्माना राशि वसूलने के आदेश भी न्यायालय ने दिए हैं।
वहीं, कुल जुर्माना राशि से 40 हजार रुपये पीड़िता को भी देने के लिए कहा गया है। यह सजा विशेष जज जेके शर्मा की अदालत ने सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी कर रहे जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि उपमंडल पालमपुर के एक गांव की नाबालिग लड़की ने एक अप्रैल, 2014 को थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि रमन कुमार निवासी गाहलियां ज्वालामुखी को वह पिछले एक साल पहले से जानती थी और फोन पर भी उनकी बातचीत होती थी। 29 मार्च, 2014 को उसने पापा के मोबाइल नंबर पर फोन कर रमन ने कहा कि वह उससे मिलने आ रहा है। रात करीब 11 बजे फिर फोन आया और उसने उसे घर से बाहर आने को कहा। जब वह बाहर पहुंची तो रमन उसे जबरदस्ती टैक्सी में बिठाकर अपने घर ले गया। इस दौरान टैक्सी को प्रवीन कुमार निवासी गाहलियां चला रहा था। इसके बाद वह रमन के घर पहुंचे, जहां से उसकी मां ने उन्हें घर से निकाल दिया। इसके बाद रमन उसे अपनी चाची के घर ले गया, जहां उसने चाची को गुमराह किया और अंदर आ गया। चाची के घर में रमन ने उसके साथ दुष्कर्म किया और सुबह करीब चार बजे रमन और प्रवीन उसे टैक्सी में रानीताल रेलवे स्टेशन के पास छोड़ गए। यहां शाम को गांव का एक चालक उसे घर लाया, जहां उसने परिजनों को सारी बात सुनाई। इसके बाद थाने में दर्ज हुए मामले पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच के बाद न्यायालय पहुंचे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 20 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयानों के आधार पर विशेष जज जेके शर्मा की अदालत ने दोनों दोषियों में रमन कुमार को 10 साल कैद और 60 हजार रुपये जुर्माना और प्रवीन को सात साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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दोषियों को कैद, जुर्माना
मुख्य आरोपी को 10 साल और मदद करने पर अन्य युवक को सात की सजा सुनाई
दोनों दोषियों को 80 हजार रुपये जुर्माना भरने के भी दिए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। पालमपुर उपमंडल के तहत आते एक गांव की दसवीं की नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के आरोपी को दोष सिद्ध होने पर 10 साल की कैद और 60 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई। इसके अलावा दुष्कर्म के दोषी की सहायता करने पर एक अन्य युवक को भी न्यायालय ने दोषी पाए जाने पर सात वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों की संपत्ति को बेचकर जुुर्माना राशि वसूलने के आदेश भी न्यायालय ने दिए हैं।
वहीं, कुल जुर्माना राशि से 40 हजार रुपये पीड़िता को भी देने के लिए कहा गया है। यह सजा विशेष जज जेके शर्मा की अदालत ने सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी कर रहे जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि उपमंडल पालमपुर के एक गांव की नाबालिग लड़की ने एक अप्रैल, 2014 को थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि रमन कुमार निवासी गाहलियां ज्वालामुखी को वह पिछले एक साल पहले से जानती थी और फोन पर भी उनकी बातचीत होती थी। 29 मार्च, 2014 को उसने पापा के मोबाइल नंबर पर फोन कर रमन ने कहा कि वह उससे मिलने आ रहा है। रात करीब 11 बजे फिर फोन आया और उसने उसे घर से बाहर आने को कहा। जब वह बाहर पहुंची तो रमन उसे जबरदस्ती टैक्सी में बिठाकर अपने घर ले गया। इस दौरान टैक्सी को प्रवीन कुमार निवासी गाहलियां चला रहा था। इसके बाद वह रमन के घर पहुंचे, जहां से उसकी मां ने उन्हें घर से निकाल दिया। इसके बाद रमन उसे अपनी चाची के घर ले गया, जहां उसने चाची को गुमराह किया और अंदर आ गया। चाची के घर में रमन ने उसके साथ दुष्कर्म किया और सुबह करीब चार बजे रमन और प्रवीन उसे टैक्सी में रानीताल रेलवे स्टेशन के पास छोड़ गए। यहां शाम को गांव का एक चालक उसे घर लाया, जहां उसने परिजनों को सारी बात सुनाई। इसके बाद थाने में दर्ज हुए मामले पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच के बाद न्यायालय पहुंचे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 20 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयानों के आधार पर विशेष जज जेके शर्मा की अदालत ने दोनों दोषियों में रमन कुमार को 10 साल कैद और 60 हजार रुपये जुर्माना और प्रवीन को सात साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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