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Kangra News: वट सावित्री की पूजा कर सुहागिनों ने मांगी पति की दीर्घायु
Wed, 28 May 2025 12:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 28 May 2025 12:18 AM IST
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ज्वालामुखी में वट सावित्री व्रत के अवसर पर पूजा अर्चना करती सुहागिने स्तोत्र संवाद
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। ज्वालामुखी क्षेत्र में पति की दीर्घायु की कामना करते हुए महिलाओं ने मंगलवार को श्रद्धा के साथ वट सावित्री की पूजा की। महिलाएं पूरा शृंगार कर पुराने बरगद के पेड़ के नीचे इकट्ठा हुईं और वट वृक्ष में कच्चा धागा लपेट कर पति की दीर्घायु की कामना की। साथ ही पेड़ की जड़ में खीरा, खरबूजा और पकवान आदि अर्पित करते हुए पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना भी की। सुहागिनों ने मंदिरों के पास बने बरगद के पेड़ों के पास भी पूजा-अर्चना की।
महिला मंडल प्रधान सुदर्शना देवी ने बताया कि मंगलवार को विशेष दिन वट सावित्री पर्व के चलते विवाहित महिलाओं द्वारा वट वृक्ष की पूजा की जाती है। 108 बार पेड़ पर कच्चे सूत का धागा लपेटा जाता है। इस दौरान सुहागी चढ़ाई जाती है, ताकि उनके पति को दीर्घायु और सभी परेशानियों से मुक्ति मिले और सुख-समृद्धि बनी रहे। उन्होंने कहा कि पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन ही सावित्री ने अपने सतीत्व के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस मांग लिए थे। मान्यता है कि ब्रह्मा, विष्णु, महेश और सावित्री वट वृक्ष में ही निवास करते हैं।
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महिला मंडल प्रधान सुदर्शना देवी ने बताया कि मंगलवार को विशेष दिन वट सावित्री पर्व के चलते विवाहित महिलाओं द्वारा वट वृक्ष की पूजा की जाती है। 108 बार पेड़ पर कच्चे सूत का धागा लपेटा जाता है। इस दौरान सुहागी चढ़ाई जाती है, ताकि उनके पति को दीर्घायु और सभी परेशानियों से मुक्ति मिले और सुख-समृद्धि बनी रहे। उन्होंने कहा कि पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन ही सावित्री ने अपने सतीत्व के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस मांग लिए थे। मान्यता है कि ब्रह्मा, विष्णु, महेश और सावित्री वट वृक्ष में ही निवास करते हैं।
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