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Kangra News: केंद्रीय पुस्तकालय स्थापना और एआई उपयोग पर मंथन
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की पुस्तकालय सलाहकार समिति की बैठक में केंद्रीय पुस्तकालय की स्थापना, एआई के उपयोग और आगामी योजनाओं को लेकर चर्चा की गई। बैठक कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिसमें विश्वविद्यालय की पुस्तकालय सेवाओं से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान देहरा स्थित नवनिर्मित स्थायी परिसर में केंद्रीय पुस्तकालय की स्थापना को प्रमुख एजेंडा में शामिल किया गया। समिति के समक्ष पुस्तकालय की अब तक की उपलब्धियों और वर्तमान में चल रही परियोजनाओं की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुद्रित और डिजिटल सामग्री की खरीद की अद्यतन स्थिति पर चर्चा हुई, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बजट आवंटन पर भी विचार किया गया।
पुस्तकालय एवं सूचना सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते उपयोग को लेकर भी बैठक में मंथन हुआ। विशेषज्ञों ने माना कि एआई तकनीक के समावेश से शोध कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार संभव है। इसके अलावा अनुसंधान एवं नैतिकता नीतियों को और मजबूत बनाने तथा पुस्तकालय में कर्मचारियों की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।
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कुलपति प्रो. बंसल ने कहा कि एक शोध-उन्मुख विश्वविद्यालय के लिए आधुनिक और सशक्त पुस्तकालय प्रणाली बेहद जरूरी है। उन्होंने ‘टीम लाइब्रेरी’ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे विश्वविद्यालय में नवाचार और शोध का वातावरण मजबूत हो रहा है। अंत में विश्वविद्यालय के लाइब्रेरियन डॉ. विक्रम शर्मा ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय को आधुनिक और उपयोगी बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की पुस्तकालय सलाहकार समिति की बैठक में केंद्रीय पुस्तकालय की स्थापना, एआई के उपयोग और आगामी योजनाओं को लेकर चर्चा की गई। बैठक कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिसमें विश्वविद्यालय की पुस्तकालय सेवाओं से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान देहरा स्थित नवनिर्मित स्थायी परिसर में केंद्रीय पुस्तकालय की स्थापना को प्रमुख एजेंडा में शामिल किया गया। समिति के समक्ष पुस्तकालय की अब तक की उपलब्धियों और वर्तमान में चल रही परियोजनाओं की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुद्रित और डिजिटल सामग्री की खरीद की अद्यतन स्थिति पर चर्चा हुई, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बजट आवंटन पर भी विचार किया गया।
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पुस्तकालय एवं सूचना सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते उपयोग को लेकर भी बैठक में मंथन हुआ। विशेषज्ञों ने माना कि एआई तकनीक के समावेश से शोध कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार संभव है। इसके अलावा अनुसंधान एवं नैतिकता नीतियों को और मजबूत बनाने तथा पुस्तकालय में कर्मचारियों की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।
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कुलपति प्रो. बंसल ने कहा कि एक शोध-उन्मुख विश्वविद्यालय के लिए आधुनिक और सशक्त पुस्तकालय प्रणाली बेहद जरूरी है। उन्होंने ‘टीम लाइब्रेरी’ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे विश्वविद्यालय में नवाचार और शोध का वातावरण मजबूत हो रहा है। अंत में विश्वविद्यालय के लाइब्रेरियन डॉ. विक्रम शर्मा ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय को आधुनिक और उपयोगी बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।