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Kangra News: आयुष अधिकारी और चिकित्सक बनेंगे निक्षय मित्र

Fri, 27 Mar 2026 10:21 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2026 10:21 PM IST
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AYUSH officers and doctors will become Nikshay Mitra
धर्मशाला में स्कूल ​शिक्षा बोर्ड कार्यालय के सभागार में आयूष विभाग की कार्यशाला में उप​स्थित अ​
-धर्मशाला में जिलास्तरीय कार्यशाला में 200 से अधिक अधिकारियों ने किया पंजीकरण
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-100 दिवसीय टीबीमुक्त भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत की पहल
-टीबी उन्मूलन स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, जनांदोलन है : सूद
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अमर उजाला ब्यूरो

धर्मशाला। अब आयुष अधिकारी और चिकित्सक निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की सहायता करेंगे। यह पहल 100 दिवसीय टीबीमुक्त भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत शुक्रवार को धर्मशाला में जिलास्तरीय कार्यशाला में की गई। इसमें आयुष अधिकारियों और चिकित्सकों ने भाग लिया।
200 से अधिक आयुष चिकित्सकों और अधिकारियों ने स्वयं को निक्षय मित्र के रूप में पंजीकृत किया। साथ ही टीबी मरीजों को पोषण सहायता और मानवीय सहयोग प्रदान करने के लिए सशक्त प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य टीबी उन्मूलन के प्रयासों को और अधिक सशक्त, प्रभावी और जनभागीदारी आधारित बनाना व आयुष विभाग की भूमिका को अभियान में और अधिक सक्रिय और मजबूत करना रहा।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश कुमार सूद ने जिला में टीबी उन्मूलन के लिए किए जा रहे विभिन्न कार्यों, उपलब्धियों, चुनौतियों और आगामी रणनीतियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जनांदोलन है। इसमें प्रत्येक विभाग, प्रत्येक संस्था, प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी और समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि टीबीमुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा जब स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सामाजिक सहयोग, सामुदायिक सहभागिता, पोषण समर्थन, समय पर पहचान, शीघ्र उपचार आरंभ और मरीजों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को समान महत्व दिया जाएगा। उन्होंने आयुष चिकित्सकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, संदिग्ध रोगियों की शीघ्र पहचान करने और उपचाराधीन मरीजों को परामर्श देने का प्रयास जरूर करें।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक करोल, जिला आयुष अधिकारी डॉ. बृजनंदन शर्मा मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभागीय समन्वय, सामुदायिक जागरूकता, बहुक्षेत्रीय सहयोग और स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिबद्धता आवश्यक है।

कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन से डॉ. निकेत और राज्य स्तर पर द यूनियन के सलाहकार सुनील सविता ने भी सहभागिता की। उन्होंने टीबी नियंत्रण एवं उन्मूलन से संबंधित तकनीकी पहलुओं, राष्ट्रीय दिशानिर्देशों, सामुदायिक भागीदारी, निजी एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के समन्वय तथा मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
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