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ओपीएस बहाल न हुई तो दो सितंबर को होगा विधानसभा घेराव : नितिश
Thu, 27 Aug 2026 08:24 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 27 Aug 2026 08:24 AM IST
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कांगडा में बैठक के दौरान बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी। -स्रोत: यूनियन
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धर्मशाला/कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड (एचपीएसईबी) इंप्लाइज यूनियन ने पुरानी पेंशन (ओपीएस) बहाली को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को कांगड़ा और धर्मशाला में प्रदेशाध्यक्ष नितिश भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि दो सितंबर से पहले ओपीएस लागू नहीं की गई तो यूनियन दो सितंबर को विधानसभा का घेराव करेगी।
नितिश भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस ने चुनावी घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन बहाली का वादा किया था। सरकार बनने के बाद अन्य जगह पेंशन बहाल हुई, लेकिन साढ़े तीन साल बीत जाने के बाद भी बिजली कर्मचारी इससे वंचित हैं। यूनियन की ओर से पांच अगस्त को सरकार को दिए गए नोटिस की अवधि भी पूरी हो चुकी है, जिसके बाद अब आंदोलन का रास्ता चुना गया है।
यूनियन ने शिमला में आयोजित 18वें राज्य सम्मेलन में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को तुरंत लागू करने की मांग उठाई। इसके साथ ही समय पर पदोन्नति, वरिष्ठता विवाद के निपटारे, आउटसोर्स कर्मियों के लिए सुरक्षा नीति बनाने और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत अनुबंध सेवा को जोड़कर वित्तीय व पेंशन लाभ देने की बात कही।
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बैठक में आरडीएसएस योजना के तहत स्मार्ट मीटरों की समीक्षा कर इन्हें केवल वाणिज्यिक व औद्योगिक उपभोक्ताओं तक सीमित रखने, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती का रोडमैप बनाने और गैर-आईटीआई टी-मेट्स व एएलएम को एकमुश्त पदोन्नति देने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। इस दौरान संघ के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
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नितिश भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस ने चुनावी घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन बहाली का वादा किया था। सरकार बनने के बाद अन्य जगह पेंशन बहाल हुई, लेकिन साढ़े तीन साल बीत जाने के बाद भी बिजली कर्मचारी इससे वंचित हैं। यूनियन की ओर से पांच अगस्त को सरकार को दिए गए नोटिस की अवधि भी पूरी हो चुकी है, जिसके बाद अब आंदोलन का रास्ता चुना गया है।
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यूनियन ने शिमला में आयोजित 18वें राज्य सम्मेलन में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को तुरंत लागू करने की मांग उठाई। इसके साथ ही समय पर पदोन्नति, वरिष्ठता विवाद के निपटारे, आउटसोर्स कर्मियों के लिए सुरक्षा नीति बनाने और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत अनुबंध सेवा को जोड़कर वित्तीय व पेंशन लाभ देने की बात कही।
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बैठक में आरडीएसएस योजना के तहत स्मार्ट मीटरों की समीक्षा कर इन्हें केवल वाणिज्यिक व औद्योगिक उपभोक्ताओं तक सीमित रखने, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती का रोडमैप बनाने और गैर-आईटीआई टी-मेट्स व एएलएम को एकमुश्त पदोन्नति देने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। इस दौरान संघ के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।