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Kangra News: आशा कार्यकर्ताओं ने पंचायती राज चुनाव लड़ने की अनुमति मांगी
Sat, 02 May 2026 01:51 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 02 May 2026 01:51 AM IST
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ज्वालामुखी/खुंडियां (कांगड़ा)। आशा कार्यकर्ता संघ ज्वालामुखी की प्रधान सपना राणा, वरिष्ठ उपप्रधान निशा देवी, महासचिव रीना देवी और उपप्रधान रमेश कुमारी ने संयुक्त बयान जारी कर प्रदेश सरकार से महत्वपूर्ण मांग उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल्य से आग्रह किया कि आगामी पंचायती राज चुनाव में आशा कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाए।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि आशा कार्यकर्ता एक सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में कार्य करती हैं और उन्हें किसी प्रकार की नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं है। आशा कार्यकर्ताओं की कहीं भी हाजिरी नहीं लगती और उन्हें केवल कार्य के आधार पर प्रोत्साहन राशि ही मिलती है।
राणा ने बताया कि वर्ष 2019 की अधिसूचना के अनुसार पिछले पंचायती राज चुनाव में कई आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर जीत हासिल की थी और अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर सेवाएं दी थीं। उन्होंने कहा कि इस बार भी योग्य आशा कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए।
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संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार आशा कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं देती है तो उनके लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए और उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए ताकि उनके अधिकारों और भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।
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संघ पदाधिकारियों ने कहा कि आशा कार्यकर्ता एक सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में कार्य करती हैं और उन्हें किसी प्रकार की नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं है। आशा कार्यकर्ताओं की कहीं भी हाजिरी नहीं लगती और उन्हें केवल कार्य के आधार पर प्रोत्साहन राशि ही मिलती है।
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राणा ने बताया कि वर्ष 2019 की अधिसूचना के अनुसार पिछले पंचायती राज चुनाव में कई आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर जीत हासिल की थी और अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर सेवाएं दी थीं। उन्होंने कहा कि इस बार भी योग्य आशा कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए।
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संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार आशा कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं देती है तो उनके लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए और उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए ताकि उनके अधिकारों और भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।