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Kangra News: नेशनल हाईवे पर बस दौड़ा रही अंजू, वोल्वो चलाने का सपना
Thu, 06 Feb 2025 09:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 06 Feb 2025 09:29 PM IST
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भरमौर की बेटी एचआरटीसी की जसूर कार्यशाला में ले रहीं प्रशिक्षण
गंगथ (कांगड़ा)। आजकल देश की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी कड़ी मेहनत और साहस के साथ पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। ऐसी ही एक बेटी है, जो एक ऐसे क्षेत्र में अपने कदम रख रही है, जहां महिलाओं की संख्या लगभग शून्य के बराबर है। वो है बस चालक का पेशा। भरमौर से संबंध रखने वाली अंजू देवी, जो वर्तमान में गंगथ कस्बे में रह रही हैं, ने हाल ही में जसूर एचआरटीसी की मंडलीय कार्यशाला में बस चालक का प्रशिक्षण ले रही हैं।
अंजू के माता-पिता फास्ट फूड का व्यवसाय करते हैं, लेकिन अंजू का सपना हमेशा से बस चलाने का रहा है। वीरवार को उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान नेशनल हाईवे पर बस चलाई और यह साबित किया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पिछड़ी नहीं हैं। अंजू ने बताया कि वह फिलहाल एक साधारण बस चला रही हैं, लेकिन उनका सपना वोल्वो बस चलाने का है। कार्यशाला के तकनीकी अधिकारी अक्षय धीमान ने अंजू की कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि अंजू ने बस चालक का प्रशिक्षण लेकर यह दिखा दिया कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। महिलाएं हर तरह के क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं और अपना भविष्य खुद बना सकती हैं।
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गंगथ (कांगड़ा)। आजकल देश की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी कड़ी मेहनत और साहस के साथ पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। ऐसी ही एक बेटी है, जो एक ऐसे क्षेत्र में अपने कदम रख रही है, जहां महिलाओं की संख्या लगभग शून्य के बराबर है। वो है बस चालक का पेशा। भरमौर से संबंध रखने वाली अंजू देवी, जो वर्तमान में गंगथ कस्बे में रह रही हैं, ने हाल ही में जसूर एचआरटीसी की मंडलीय कार्यशाला में बस चालक का प्रशिक्षण ले रही हैं।
अंजू के माता-पिता फास्ट फूड का व्यवसाय करते हैं, लेकिन अंजू का सपना हमेशा से बस चलाने का रहा है। वीरवार को उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान नेशनल हाईवे पर बस चलाई और यह साबित किया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पिछड़ी नहीं हैं। अंजू ने बताया कि वह फिलहाल एक साधारण बस चला रही हैं, लेकिन उनका सपना वोल्वो बस चलाने का है। कार्यशाला के तकनीकी अधिकारी अक्षय धीमान ने अंजू की कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि अंजू ने बस चालक का प्रशिक्षण लेकर यह दिखा दिया कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। महिलाएं हर तरह के क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं और अपना भविष्य खुद बना सकती हैं।
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