पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की ओर से फीस में की गई वृद्धि के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई (एबीवीपी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने वीरवार को कुलपति को एक ज्ञापन सौंपा। परिषद ने बढ़ी हुई फीस को कम करने की मांग की है। एबीवीपी के सदस्यों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों से ली जाने वाली विभिन्न फीस में करीब 20 से 500 प्रतिशत तक की वृद्धि की है।
एबीवीपी कृषि विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष अभय वर्मा ने बताया कि राज्य का एकमात्र कृषि विश्वविद्यालय होने के बावजूद छात्रों पर पहले से ही अत्यधिक फीस का बोझ है। हाल ही में की गई फीस वृद्धि को छात्रों के साथ विश्वासघात माना जा रहा है। गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को इस विश्वविद्यालय में कृषि शिक्षा प्राप्त करना कठिन होता जा रहा है। वर्मा ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, लेकिन कृषि विश्वविद्यालय अपने संसाधनों को बढ़ाने के नाम पर इन किसानों के बच्चों पर भारी फीस थोप रहा है। खास तौर पर, पशु चिकित्सा महाविद्यालय के छात्रों की फीस में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, इसमें सेल्फ फाइनांस सीटों की फीस में दो लाख रुपये बढ़ाकर 12 लाख कर दिया है। इसके अलावा पाठ्यक्रमों को दोहराने की फीस में 500 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो कि अनुचित है। इकाई ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर फीस वृद्धि के फैसले को वापस लेने का आग्रह किया है।