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Kangra News: महंगाई भत्ते की किस्तें न देने से पेंशनर-कर्मचारियों में रोष
Sun, 15 Sep 2024 07:44 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 15 Sep 2024 07:44 PM IST
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20 को धर्मशाला में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे पेंशनर
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। पेंशनर्स और कर्मचारियों को 12 प्रतिशत महंगाई भत्ते की तीन किश्तों की अदायगी को न करना, जनवरी 2016 से लेकर 31 दिसंबर, 2022 तक सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को संशोधित पेंशन के एरियर, लीव इंकेशमेंट, ग्रेच्युटी और कम्यूटेशन को देने बारे सरकार की ओर से कोई घोषणा न करने से रोष है। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश जिला कांगड़ा कोर कमेटी की आपातकालीन बैठक रविवार को धर्मशाला में प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला कांगड़ा के प्रधान सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि सरकार पेंशनरों की संख्या को कम न आंके । उनकी मांगों को दरकिनार करना सरकार को अब भारी पड़ सकता है। पूर्व में 15 अगस्त को सरकार के मुख्यमंत्री महंगाई भत्ते को देने बारे घोषणा करते थे पर इस बार मुख्यमंत्री ने इस बारे में कोई घोषणा नहीं की, जिस पर पेंशनर और कर्मचारियों में सरकार के प्रति नाराजगी दिख रही है। उन्होंने कहा कि अगस्त माह में शिमला में हुई एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से अपील की थी कि 15 सितंबर से पहले पहले पेंशनर्स की लंबित मांगों को माने, पेंशनर्स को बातचीत के लिए बुलाए और पेंशनर्स की जेसीसी का गठन करें तथा पेंशनर्स को हर महीने पहली तारीख को पेंशन देने बारे दिशा निर्देश जारी करें, नहीं तो प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारी सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करेंगे।
इस बारे प्रदेश कार्यकारिणी ने प्रदेश सरकार को 15 सितंबर तक का नोटिस दिया था, लेकिन आज तक न तो पेंशनर्स की जेसीसी का गठन करके पेंशनर्स को बातचीत के लिए बुलाया और न ही कोई मांग मंजूर की है। उन्होंने सरकार को चेताया कि वे उम्र के हिसाब से पेंशनर्स को बांटने की कोशिश न करें और सभी पेंशनर्स की बकाया राशि के बारे में जल्दी घोषणा करें। ऐसे में प्रदेश सरकार के खिलाफ अब सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने बारे फैसला संघ ने लिया है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश के आह्वान पर अब प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारी 20 सितंबर को सभी जिलों के मुख्यालयों में रैली निकाल कर धरना प्रर्दशन और आंदोलन शुरू करेंगे। इस बारे रविवार को कांगड़ा जिला के पेंशनर्स की ओर से 20 सितंबर को रैली निकाल कर प्रदर्शन करने बारे रूपरेखा बनाई गई।
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जिले के सभी पेंशनर्स शहीद स्मारक के साथ चीलगाड़ी रोड पर सुबह 11 बजे इकट्ठे होंगे और रैली निकालकर प्रदर्शन करते हुए कचहरी अड्डा में इकट्ठे होकर 1 बजे से 2 बजे तक पेंशनर्स को संबोधित किया जायेगा और दोपहर बाद 2.30 पर जिलाधीश कांगड़ा के माध्यम से मांग पत्र मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को सौंपा जाएगा। बैठक में मनमोहन पठानिया, श्रुति पॉल शर्मा, प्रदीप वालिया, जीएस डढवाल, प्रभात चौधरी, सेठ राम, रविंद्र राणा, बीएस महल, साहिब सिंह, कृष्ण धनोतिया, रणबीर जमवाल, डाॅ. विजय शर्मा, यशपाल सबरवाल सहित अन्य उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। पेंशनर्स और कर्मचारियों को 12 प्रतिशत महंगाई भत्ते की तीन किश्तों की अदायगी को न करना, जनवरी 2016 से लेकर 31 दिसंबर, 2022 तक सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को संशोधित पेंशन के एरियर, लीव इंकेशमेंट, ग्रेच्युटी और कम्यूटेशन को देने बारे सरकार की ओर से कोई घोषणा न करने से रोष है। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश जिला कांगड़ा कोर कमेटी की आपातकालीन बैठक रविवार को धर्मशाला में प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला कांगड़ा के प्रधान सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि सरकार पेंशनरों की संख्या को कम न आंके । उनकी मांगों को दरकिनार करना सरकार को अब भारी पड़ सकता है। पूर्व में 15 अगस्त को सरकार के मुख्यमंत्री महंगाई भत्ते को देने बारे घोषणा करते थे पर इस बार मुख्यमंत्री ने इस बारे में कोई घोषणा नहीं की, जिस पर पेंशनर और कर्मचारियों में सरकार के प्रति नाराजगी दिख रही है। उन्होंने कहा कि अगस्त माह में शिमला में हुई एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से अपील की थी कि 15 सितंबर से पहले पहले पेंशनर्स की लंबित मांगों को माने, पेंशनर्स को बातचीत के लिए बुलाए और पेंशनर्स की जेसीसी का गठन करें तथा पेंशनर्स को हर महीने पहली तारीख को पेंशन देने बारे दिशा निर्देश जारी करें, नहीं तो प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारी सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करेंगे।
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इस बारे प्रदेश कार्यकारिणी ने प्रदेश सरकार को 15 सितंबर तक का नोटिस दिया था, लेकिन आज तक न तो पेंशनर्स की जेसीसी का गठन करके पेंशनर्स को बातचीत के लिए बुलाया और न ही कोई मांग मंजूर की है। उन्होंने सरकार को चेताया कि वे उम्र के हिसाब से पेंशनर्स को बांटने की कोशिश न करें और सभी पेंशनर्स की बकाया राशि के बारे में जल्दी घोषणा करें। ऐसे में प्रदेश सरकार के खिलाफ अब सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने बारे फैसला संघ ने लिया है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश के आह्वान पर अब प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारी 20 सितंबर को सभी जिलों के मुख्यालयों में रैली निकाल कर धरना प्रर्दशन और आंदोलन शुरू करेंगे। इस बारे रविवार को कांगड़ा जिला के पेंशनर्स की ओर से 20 सितंबर को रैली निकाल कर प्रदर्शन करने बारे रूपरेखा बनाई गई।
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जिले के सभी पेंशनर्स शहीद स्मारक के साथ चीलगाड़ी रोड पर सुबह 11 बजे इकट्ठे होंगे और रैली निकालकर प्रदर्शन करते हुए कचहरी अड्डा में इकट्ठे होकर 1 बजे से 2 बजे तक पेंशनर्स को संबोधित किया जायेगा और दोपहर बाद 2.30 पर जिलाधीश कांगड़ा के माध्यम से मांग पत्र मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को सौंपा जाएगा। बैठक में मनमोहन पठानिया, श्रुति पॉल शर्मा, प्रदीप वालिया, जीएस डढवाल, प्रभात चौधरी, सेठ राम, रविंद्र राणा, बीएस महल, साहिब सिंह, कृष्ण धनोतिया, रणबीर जमवाल, डाॅ. विजय शर्मा, यशपाल सबरवाल सहित अन्य उपस्थित रहे।