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Kangra News: पालमपुर कॉलेज में एबीवीपी का प्रदर्शन, प्रशासन ने बुलाई पुलिस
Sat, 20 Sep 2025 01:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 20 Sep 2025 01:29 AM IST
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पालमपुर (कांगड़ा)। शहीद कैप्टन विक्रम बतरा कॉलेज पालमपुर की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) इकाई ने मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को बुला लिया, जिससे माहौल गरमा गया। एबीवीपी ने कहा है कि कॉलेज प्रशासन ने छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस बुलाने का प्रयास किया।
एबीवीपी ने बताया कि छात्रों ने कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कई समस्याओं को उठाया था। इनमें महाविद्यालय में पानी पीने के कूलरों की स्थिति सुधारना, बीबीए और बीसीए ब्लॉक में पानी निवारण की समस्या, महाविद्यालय की साफ-सफाई सुनिश्चित करना और सांस्कृतिक कार्यक्रम की अनुमति देना शामिल था। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन अब हर फैसले राजनेताओं को दबाव में ले रहा है।
इकाई मंत्री अंकित कपूर ने कहा कि मांगों पर कॉलेज प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद एबीवीपी और छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से धरना प्रदर्शन किया, लेकिन प्रशासन ने डराने-धमकाने और आवाज दबाने के लिए पुलिस बुला ली। उन्होंने एफआईआर दर्ज करवाने तक की धमकी दी गई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं हुआ, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।
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महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. पंकज सूद ने कहा कि धरने में कुछ आउटसाइडर शामिल थे और कुछ ने अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया। पुलिस को केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुलाया गया।
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एबीवीपी ने बताया कि छात्रों ने कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कई समस्याओं को उठाया था। इनमें महाविद्यालय में पानी पीने के कूलरों की स्थिति सुधारना, बीबीए और बीसीए ब्लॉक में पानी निवारण की समस्या, महाविद्यालय की साफ-सफाई सुनिश्चित करना और सांस्कृतिक कार्यक्रम की अनुमति देना शामिल था। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन अब हर फैसले राजनेताओं को दबाव में ले रहा है।
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इकाई मंत्री अंकित कपूर ने कहा कि मांगों पर कॉलेज प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद एबीवीपी और छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से धरना प्रदर्शन किया, लेकिन प्रशासन ने डराने-धमकाने और आवाज दबाने के लिए पुलिस बुला ली। उन्होंने एफआईआर दर्ज करवाने तक की धमकी दी गई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं हुआ, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।
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महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. पंकज सूद ने कहा कि धरने में कुछ आउटसाइडर शामिल थे और कुछ ने अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया। पुलिस को केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुलाया गया।