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Kangra News: टांडा मेडिकल कॉलेज में एक माह में शुरू होगी नई 3 टेस्ला एमआरआई मशीन
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खास खबर...
आधुनिक तकनीक से लैस 22 करोड़ की मशीन से जांच की सुविधा होगी बेहतर
दो मशीनें होने से एमआरआई के लिए मरीजों को नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, टांडा में एमआरआई जांच करवाने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई नई 3 टेस्ला एमआरआई मशीन मेडिकल कॉलेज पहुंच चुकी है। इसे एक माह के भीतर स्थापित कर मरीजों के लिए शुरू करने की तैयारी है। मशीन शुरू होने से एमआरआई जांच के लिए लंबी तारीख मिलने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में टांडा मेडिकल कॉलेज में एक ही एमआरआई मशीन होने के कारण मरीजों को जांच के लिए दो-दो माह तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई मशीन शुरू होने से जांच की क्षमता बढ़ेगी और मरीजों को समय पर जांच करवाने में मदद मिलेगी।
नई 3 टेस्ला एमआरआई मशीन आधुनिक तकनीक से लैस है। एमआरआई यानी मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग के माध्यम से शरीर के आंतरिक अंगों और ऊतकों की विस्तृत तस्वीरें प्राप्त की जाती हैं। इससे चिकित्सकों को विभिन्न बीमारियों की पहचान करने और उपचार संबंधी निर्णय लेने में मदद मिलती है। विशेष रूप से मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, जोड़ों और शरीर के अन्य कोमल ऊतकों से जुड़ी समस्याओं की जांच में एमआरआई महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है। यहां बड़ी संख्या में मरीज उपचार और जांच के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नई एमआरआई मशीन शुरू होने से अस्पताल की जांच सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे मरीजों को समय पर जांच करवाने और चिकित्सकों को उपचार की दिशा तय करने में सहूलियत मिलेगी।
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करीब 22 करोड़ रुपये की लागत वाली नई मशीन मेडिकल कॉलेज पहुंच चुकी है। अब इसे स्थापित करने और मरीजों के लिए चालू करने की प्रक्रिया पूरी की जानी है। मशीन के शुरू होने से टांडा मेडिकल कॉलेज में आधुनिक जांच सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी। उम्मीद है कि एक माह के भीतर मशीन शुरू कर दी जाएगी।
-डॉ. मिलाप शर्मा, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, टांडा
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आधुनिक तकनीक से लैस 22 करोड़ की मशीन से जांच की सुविधा होगी बेहतर
दो मशीनें होने से एमआरआई के लिए मरीजों को नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, टांडा में एमआरआई जांच करवाने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई नई 3 टेस्ला एमआरआई मशीन मेडिकल कॉलेज पहुंच चुकी है। इसे एक माह के भीतर स्थापित कर मरीजों के लिए शुरू करने की तैयारी है। मशीन शुरू होने से एमआरआई जांच के लिए लंबी तारीख मिलने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में टांडा मेडिकल कॉलेज में एक ही एमआरआई मशीन होने के कारण मरीजों को जांच के लिए दो-दो माह तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई मशीन शुरू होने से जांच की क्षमता बढ़ेगी और मरीजों को समय पर जांच करवाने में मदद मिलेगी।
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नई 3 टेस्ला एमआरआई मशीन आधुनिक तकनीक से लैस है। एमआरआई यानी मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग के माध्यम से शरीर के आंतरिक अंगों और ऊतकों की विस्तृत तस्वीरें प्राप्त की जाती हैं। इससे चिकित्सकों को विभिन्न बीमारियों की पहचान करने और उपचार संबंधी निर्णय लेने में मदद मिलती है। विशेष रूप से मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, जोड़ों और शरीर के अन्य कोमल ऊतकों से जुड़ी समस्याओं की जांच में एमआरआई महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है। यहां बड़ी संख्या में मरीज उपचार और जांच के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नई एमआरआई मशीन शुरू होने से अस्पताल की जांच सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे मरीजों को समय पर जांच करवाने और चिकित्सकों को उपचार की दिशा तय करने में सहूलियत मिलेगी।
करीब 22 करोड़ रुपये की लागत वाली नई मशीन मेडिकल कॉलेज पहुंच चुकी है। अब इसे स्थापित करने और मरीजों के लिए चालू करने की प्रक्रिया पूरी की जानी है। मशीन के शुरू होने से टांडा मेडिकल कॉलेज में आधुनिक जांच सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी। उम्मीद है कि एक माह के भीतर मशीन शुरू कर दी जाएगी।
-डॉ. मिलाप शर्मा, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, टांडा