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Kangra News: मां ने बिना अंगुलियों के लिख दी तीनों बच्चों की तकदीर
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पालमपुर (कांगड़ा)। जब मेहनत और हौसला साथ हो तो किस्मत भी अपने आप दरवाजे खोल देती है। एक अपंग मां के तीन बच्चे जब पुलिस में भर्ती हो जाएं तो उस मां के हौसले और मेहनत से बड़ी बात क्या हो सकती है। दोनों हाथ की अंगुलियों के बिना सिलाई करने वाली एक मां ने बच्चों के लिए कितनी मेहनत की होगी, इसका उदाहरण पालमपुर के कंडबाड़ी में तीन बच्चों के पुलिस में भर्ती होने से साफ दिखता है।
जानकारी के मुताबिक उपमंडल पालमपुर के कंडबाड़ी गांव में तीनों भाई-बहन पुलिस में भर्ती हो गए हैं। पहले छोटी बहन फिर बड़ी और अब भाई भी पुलिस में भर्ती हो गया है। इसके पीछे इनकी मां की मेहनत का बड़ा योगदान माना जा रहा है। पुलिस में भर्ती होने वाले इन बच्चों के पिता की काफी समय पहले मौत हो गई थी। लिहाजा, घर का सारा जिम्मा इनकी मां पर आ गया था। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कपड़ों की सिलाई कर इन बच्चों की परवरिश की, जिसका उदाहरण आज सबके सामने है। बड़ी बात यह है कि मां तारा वालिया ने अपने दोनों हाथों की अंगुलियों के बिना भी हथेली और पांव के सहारे सिलाई की और वह आज भी अपने इस काम को बखूबी से निभा रही हैं।
मां तारा देवी के मुताबिक उनकी पहले छोटी बेटी दीपिका वालिया 2016 में भर्ती हुई। उसके बाद बड़ी बेटी साक्षी वालिया 2018 और अब बेटा गौरव वालिया 2025 में पुलिस में भर्ती हुआ है। हालांकि, अब दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। तारा वालिया का कहना है कि उन्होंने बच्चों की परवरिश के लिए दिन-रात मेहनत की जबकि उनकी हाथों की अंगुलियां बचपन से ही नहीं थीं। बावजूद, इसके उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी लेकिन उनकी मेहनत के साथ बच्चों ने भी मेहनत कर अपना मुकाम हासिल किया, जिसका उन्हें भी गर्व है। पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल और इलाके के वरिष्ठ एडवोकेट लोकेंद्र ठाकुर ने परिवार को बधाई दी है।
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जानकारी के मुताबिक उपमंडल पालमपुर के कंडबाड़ी गांव में तीनों भाई-बहन पुलिस में भर्ती हो गए हैं। पहले छोटी बहन फिर बड़ी और अब भाई भी पुलिस में भर्ती हो गया है। इसके पीछे इनकी मां की मेहनत का बड़ा योगदान माना जा रहा है। पुलिस में भर्ती होने वाले इन बच्चों के पिता की काफी समय पहले मौत हो गई थी। लिहाजा, घर का सारा जिम्मा इनकी मां पर आ गया था। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कपड़ों की सिलाई कर इन बच्चों की परवरिश की, जिसका उदाहरण आज सबके सामने है। बड़ी बात यह है कि मां तारा वालिया ने अपने दोनों हाथों की अंगुलियों के बिना भी हथेली और पांव के सहारे सिलाई की और वह आज भी अपने इस काम को बखूबी से निभा रही हैं।
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मां तारा देवी के मुताबिक उनकी पहले छोटी बेटी दीपिका वालिया 2016 में भर्ती हुई। उसके बाद बड़ी बेटी साक्षी वालिया 2018 और अब बेटा गौरव वालिया 2025 में पुलिस में भर्ती हुआ है। हालांकि, अब दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। तारा वालिया का कहना है कि उन्होंने बच्चों की परवरिश के लिए दिन-रात मेहनत की जबकि उनकी हाथों की अंगुलियां बचपन से ही नहीं थीं। बावजूद, इसके उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी लेकिन उनकी मेहनत के साथ बच्चों ने भी मेहनत कर अपना मुकाम हासिल किया, जिसका उन्हें भी गर्व है। पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल और इलाके के वरिष्ठ एडवोकेट लोकेंद्र ठाकुर ने परिवार को बधाई दी है।
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