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भारतीय सेना में गोरखों की अलग पहचान : एसडीएम
Kangra
Updated Thu, 30 Oct 2014 05:32 AM IST
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धर्मशाला। हिमाचल एवं पंजाब गोरखा एसोसिएशन का 98वां वार्षिक अधिवेशन गोरखा भवन श्यामनगर में हुआ। एसडीएम बलवीर ठाकुर मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्हाेंने कहा कि गोरखा समुदाय की भारतीय सेना में अलग पहचान है। इस समुदाय के वीर सपूत सेना में भर्ती होने के साथ देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने से पीछे नहीं हटे। एसोसिएशन की ओर हर वर्ष वार्षिक अधिवेशन में समुदाय से जुड़ी संस्कृति पर कार्यक्रम आयोजित कर इसे संजोने का प्रयास किया जा रहा है, जोकि सराहनीय है। इससे समुदाय की भावी पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति को जानने का मौका मिलता है। इससे पूर्व हिमाचल एवं पंजाब गोरखा एसोसिएशन धर्मशाला के अध्यक्ष ऑनररी लेफ्टिनेंट भूपेंद्र सिंह गुरुंग (सेवानिवृत्त) ने मुख्य अतिथि को एसोसिएशन के 29 अक्तूबर 1916 को हुए गठन से लेकर आज दिन तक की विभिन्न गतिविधियों से अवगत करवाया तथा लंबित मामलों का जल्द समाधान करवाने की मांग उठाई है। एसडीएम धर्मशाला ने उन्हें आश्वस्त किया कि समुदाय के लंबित मामलों का निपटारा करवाने के लिए वह पूरा सहयोग देंगे। वार्षिक अधिवेशन में उषा किरण ठाकुर ने विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थिति दर्ज करवाई और पढ़ाई कर रहे बच्चों को एसोसिएशन की ओर से छात्रवृत्तियां प्रदान कीं।
गोरखा समुदाय के युवाओं ने नेपाली नृत्य प्रस्तुत कर गोरखा समुदाय की संस्कृति झलक से भी रूबरू करवाया। इस मौके पर तीन लाख के नये ट्रस्ट का भी शुभारंभ किया गया। इस दौरान हिमाचल एवं पंजाब गोरखा एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अलावा प्रदेशभर के गोरखा समुदाय के लोग उपस्थित रहे।
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गोरखा समुदाय के युवाओं ने नेपाली नृत्य प्रस्तुत कर गोरखा समुदाय की संस्कृति झलक से भी रूबरू करवाया। इस मौके पर तीन लाख के नये ट्रस्ट का भी शुभारंभ किया गया। इस दौरान हिमाचल एवं पंजाब गोरखा एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अलावा प्रदेशभर के गोरखा समुदाय के लोग उपस्थित रहे।
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