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विदेशी तकनीक का धर्मशाला में आदान-प्रदान
Kangra
Updated Sun, 26 Oct 2014 05:32 AM IST
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धर्मशाला। इन्फार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी (आईटी) सेक्टर के विकास को लेकर धर्मशाला में यूएसए, यूके, जर्मनी, जापान और ब्रिटेन सहित भारत के बंगलूरू, मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, राजस्थान, असम, केरला और कर्नाटका से आईटी विशेषज्ञ एकजुट हुए हैं। हिल हेट्स संस्था के माध्यम से धर्मशाला में शिविर लगाया गया है। जापान के आईटी विशेषज्ञ टोड़ी 15 अक्तूबर को आईटी मेले में पहुंचे थे। दस दिन तक उन्होंने विभिन्न देशों के विशेषज्ञों के साथ आईटी विषय पर विचार साझा किए हैं। घरों में पड़े वेस्ट इलेक्ट्रोनिक्स मैटीरियल का उचित प्रयोग कर कैसे उत्पाद तैयार किए जाएं, इसके बारे में जानकारी दी है। टोड़ी बताते हैं कि वह फिर से धर्मशाला में आना चाहेंगे और यहां पर आकर आईटी विषय पर कार्य करना चाहते हैं।
आईटी मेले में विभिन्न देशों के विशेषज्ञ आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स टूल्स लाकर इसके प्रयोग करने के तरीके बच्चों और शिविर में मौजूद लोगों को बता रहे हैं। इतना ही नहीं इन टूल्स के निर्माण की विधियों का विशेषज्ञ आपस में आदान प्रदान कर रहे हैं। शिविर में आए आईटी विशेषज्ञाें की मानें तो यह एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें दुनिया के किसी भी कोने में बैठ कर दूसरे देश के लिए कार्य किया जा सकता है। इसलिए शहरों की भीड़-भाड़ से दूर धर्मशाला को बेस बनाया गया है। हिल हेट्स संस्था के संयोजक आयुष और इंजीनियर अरुण ने बताया कि धर्मशाला में आईटी मेले में तिब्बतन चिल्ड्रन विलेज (टीसीवी) धर्मशाला, टीसीवी देहरादून, नड्डी के निजी स्कूल और सिद्धबाड़ी के ग्र्रामीण एरिया के करीब 100 बच्चों को भी इसके साथ जोड़ा गया है। बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर वेस्ट पद्धार्थों का उचित प्रयोग करने के तरीके सुझाए गए हैं। रविवार को मेले का समापन हो जाएगा। सिद्धबाड़ी के रक्कड़ से अमित, निखिल, अलिशा, उदित, पीयूष, नितिन, निखिल, आयूष और अखिल राज आईटी मेले में दस दिन तक यहां रहे हैं। इन बच्चों ने आईटी से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली और आधुनिक तकनीक से विभिन्न उत्पादों के निर्माण करने की क्रिया को सीखा है।
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आईटी मेले में विभिन्न देशों के विशेषज्ञ आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स टूल्स लाकर इसके प्रयोग करने के तरीके बच्चों और शिविर में मौजूद लोगों को बता रहे हैं। इतना ही नहीं इन टूल्स के निर्माण की विधियों का विशेषज्ञ आपस में आदान प्रदान कर रहे हैं। शिविर में आए आईटी विशेषज्ञाें की मानें तो यह एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें दुनिया के किसी भी कोने में बैठ कर दूसरे देश के लिए कार्य किया जा सकता है। इसलिए शहरों की भीड़-भाड़ से दूर धर्मशाला को बेस बनाया गया है। हिल हेट्स संस्था के संयोजक आयुष और इंजीनियर अरुण ने बताया कि धर्मशाला में आईटी मेले में तिब्बतन चिल्ड्रन विलेज (टीसीवी) धर्मशाला, टीसीवी देहरादून, नड्डी के निजी स्कूल और सिद्धबाड़ी के ग्र्रामीण एरिया के करीब 100 बच्चों को भी इसके साथ जोड़ा गया है। बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर वेस्ट पद्धार्थों का उचित प्रयोग करने के तरीके सुझाए गए हैं। रविवार को मेले का समापन हो जाएगा। सिद्धबाड़ी के रक्कड़ से अमित, निखिल, अलिशा, उदित, पीयूष, नितिन, निखिल, आयूष और अखिल राज आईटी मेले में दस दिन तक यहां रहे हैं। इन बच्चों ने आईटी से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली और आधुनिक तकनीक से विभिन्न उत्पादों के निर्माण करने की क्रिया को सीखा है।
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