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प्राथमिक सहायक अध्यापक शिमला में बोलेंगे हल्ला
Kangra
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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नूरपुर (कांगड़ा)। प्रदेश के 3482 प्राथमिक सहायक अध्यापक (पैट) राज्य सरकार के रवैये से खफा हैं। जिला कांगड़ा पैट अध्यापक संघ के अध्यक्ष लखमीर सिंह ने सोमवार को प्रेस बयान में कहा है कि पैट अध्यापकों का पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बावजूद भी सरकार ने उनकी किसी भी मांग पर विचार तक नहीं किया।
उन्होंने कहा कि पैट अध्यापक भी अनुबंध कर्मचारियों की तर्ज पर सेवाएं दे रहे हैं। इसलिए उन्हें भी अनुबंध जेबीटी का वेतन मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से इन अध्यापकों की सेवाओं के नियमितीकरण की नीति बनाने की मांग की थी। प्रदेश पैट संघ ने मांगें पूरी करने का 5 मई तक अल्टीमेटम दिया था। लेकिन कोई सकारात्मक जवाब न मिलने से हताश पैट अध्यापक 9 मई को शिमला में शिक्षा निदेशालय तथा सचिवालय समक्ष मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करके धरना देेंगे। इसके लिए जिला कांगड़ा के 19 शिक्षा खंडों से 600 के लगभग पैट अध्यापक शिमला कूच करेंगे। लखमीर सिंह ने कहा कि पैट अध्यापक इस कठोर कदम के लिए विवश हो गए हैं। यदि सरकार उनकी न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाती तो इन सड़कों पर न उतरना पड़ता।
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उन्होंने कहा कि पैट अध्यापक भी अनुबंध कर्मचारियों की तर्ज पर सेवाएं दे रहे हैं। इसलिए उन्हें भी अनुबंध जेबीटी का वेतन मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से इन अध्यापकों की सेवाओं के नियमितीकरण की नीति बनाने की मांग की थी। प्रदेश पैट संघ ने मांगें पूरी करने का 5 मई तक अल्टीमेटम दिया था। लेकिन कोई सकारात्मक जवाब न मिलने से हताश पैट अध्यापक 9 मई को शिमला में शिक्षा निदेशालय तथा सचिवालय समक्ष मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करके धरना देेंगे। इसके लिए जिला कांगड़ा के 19 शिक्षा खंडों से 600 के लगभग पैट अध्यापक शिमला कूच करेंगे। लखमीर सिंह ने कहा कि पैट अध्यापक इस कठोर कदम के लिए विवश हो गए हैं। यदि सरकार उनकी न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाती तो इन सड़कों पर न उतरना पड़ता।
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